बर्बाद हुई खेतों में खड़ी फसल
गरज-चमक के साथ चार घंटे हुई जोरदार बारिश, गुल रही बिजली
रानीपुर।
दो दिनों से छा रहे बादल शुक्रवार रात तेज गरज और चमक के साथ बरस पड़े। एक रफ्तार में चार घंटे हुई जोरदार बारिश के दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह ब्लैक आउट रहा। बादलों की तेज गड़गड़ाहट, अंधेरा और जोरदार बारिश के चलते लोग चाहकर भी नहीं उठ पाए। यूं कहें तो लोग बिस्तर में ही दुबके रहे। बादलों की गर्जना और तेज बारिश का सिलसिला रात 1 से सुबह 5 बजे तक चला। इस दौरान सारनी और आसपास के क्षेत्रों में 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है। मध्य प्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के लाइनमैन विनोद बनखेड़ ने बताया

घोड़ाडोंगरी जुवाडी से मयावाणी छुरी सीताकामत केरीया माथनी आम डाना रानीपुर सहित अन्य ग्रामों में अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में जोरदार बारिश और बादलों के गरजने व चमकने के चलते बिजली गुल रही। सुबह तक सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल कर ली गई। ग्रामीण अंचलों में जोरदार बारिश और बादलों के चमकने वा गरजने के चलते खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। रातभर हुई मूसलाधार बारिश के बाद जब किसान सुबह अपने खेतों में पहुंचे तो खड़ी फसल आड़ी देख मायूस हो गए।
सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं और चना की फसल को हुआ है। जुवाड़ी के किसान नरेंद्र कुमार महतो राजेश महतो विनय महतो विक्रांत महत्तो विशाल महतो आदि किसानों ने बताया कि शुक्रवार से लगातार हो रही रिमझिम एवं जोरदार बारिश ने अब तक फसल को काफी प्रभावित किया है वहीं गेहूं का कलर के साथ-साथ वजन भी इसका कम हो गया है इधर हीरा वाड़ी के किसान सीताराम पटेल सुनील पटेल भगवानदास सिनोटिया विष्णु बघेल कन्हैया चौरे आदि ने बताया कि मक्के की फसल को जंगली सूअर ने काफी चौपट कर दी है उसके पश्चात अब बेमौसम हो रही बारिश से फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है
किसानों का मानना है कि रबी के सीजन में होने वाली सारी फसल को बेमौसम हुई बारिश ने प्रभावित किया है शासन ने इसका सर्वे कराकर शीघ्र ही किसानों के हित में निर्णय लेते हुए मुआवजे की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की है क्या कहते हैं तहसीलदार घोड़ाडोंगरी अशोक डेहरिया घोड़ाडोंगरी तहसीलदार ने बताया कि राजस्व के कर्मचारियों को सर्वे के काम है लगा दिया गया है शीघ्र ही सर्वे करा लिया जाएगा
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