भगवान सहस्त्रबाहु के वंशजों ने मनाया महाशिवरात्रि का पावन पर्व

भगवान सहस्त्रबाहु के वंशजों ने मनाया महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर घोड़ाडोंगरी के समाज सेवी युवा कलचुरी कलार समाज के पुरुष व महिलाओं के द्वारा महाशिवरात्रि रूद्र अभिषेक का आयोजन विशाल मालवीय के निज निवास प्रांगण में शनिवार की रात्रि को रखा गया जोकि रविवार के सुबह तक निरंतर किया गया युवा कलचुरी कलार समाज जिलाउपाध्यक्ष जितेंद्र मालवीय ने बताया कि भगवान सहस्त्रबाहु भोलेनाथ में ही समाहित हुए थे भगवान सहस्त्रबाहु महेश्वर धाम में महेश्वर भगवान में समाहित हुए थे जहां महेश्वर धाम मैं भगवान सहस्त्रबाहु का भव्य मंदिर भी बना हुआ है इस चार प्रहर के रुद्र अभिषेक सभी कलचुरी कलार समाज के सदस्यों ने श्रद्धा के साथ उपस्थित होकर अभिषेक व पूजन किया महाशिवरात्रि के पर्व पर भोलेनाथ के रात्रि के चारों पहर में किया जाने वाला रुद्राभिषेक का विशेष महत्व माना गया है ।
इस रुद्राभिषेक कार्यक्रम में पुरोहित भोला महाराज रानीपुर सहित उज्जैन इंदौर रीवा से पधारे हुए पुजारियों द्वारा पूर्ण रात्रि अभिषेक कराया गया रात्रि का पहला अभिषेक 9 बजे प्रारंभ किया गया दूसरा रात्रि 12 बजे के बाद और तीसरा मध्य रात्रि 2 बजे किया गया रूद्र अभिषेक के चौथे पहर का विशेष ब्रह्म मुहूर्त रात्रि 3 से 5 तक संपन्न किया इस रात्रि प्रहर के अभिषेक में मुख्य रूप से विशाल मालवीय सुनील मालवीय राजेश मालवीय जितेंद्र मालवीय डॉक्टर दीपक मालवीय नवनीत मालवीय ब्रजकिशोर मालवीय आशीष साहू पदम पुरोहित सा पत्नी ने सम्मिलित इस अनुष्ठान को पूर्ण किया सामाजिक बंधुओं के साथ अन्य सामाजिक श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे अभिषेक के पश्चात सभी सामाजिक बंधुओं ने भोलेनाथ की भव्य आरती की और बड़ी ही उमंग के साथ सभी श्रद्धालुओं ने घोड़ाडोंगरी की प्रसिद्ध प्राचीन तीर्थ नदी झिलपा नदी के तट पर जाकर पावन विसर्जन किया इस तरह घोड़ाडोंगरी के कलचुरी कलार समाज के पुरुष व महिलाओं ने शिवरात्रि के पावन पर्व को मनाया सामाजिक संगठन द्वारा बताया गया कि बाबा भोलेनाथ के इस रात्रि शहर के अभिषेक से सभी जनमानस का कल्याण होता है