सांसद बोले आपकी मांगे जायज है आप गलत मांग नही कर रहे
सांसद दुर्गादास उइके मध्य प्रदेश आंगनवाड़ी सहायिका संघ के बैनर तले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं द्वारा किए जा रहे आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी मांगे जायज है। जितना काम करते हैं उससे वेतन कम है आपका वेतन बढ़ना चाहिए । जिससे आपके परिवार की गुजर-बसर सही ढंग से हो सके। आप गलत मांग नहीं कर रहे हैं आप कार्य क्षमता से ज्यादा कार्य करते हैं। माननीय केंद्रीय मंत्री के साथ बैठकर चर्चा करूंगा स्थानीय समस्याओं को तत्काल दूर करेंगे।
क्या है मांगे
1. म.प्र . महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं , सहायिकाओं और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करते हुये सभी शासकीय सुविधाओं का लाभ प्रदान किया जाये । म 0 प्र 0 सरकार के द्वारा घोषित 1500 रु 0 एरियर्स के साथ भुगतान किया जाये । 2. राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से समन्वय कर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति प्रक्रिया के नियमों में संशोधन करते हुये मानदेय या मानसेवा की जगह नियमित और सीधी भर्ती की जाने की नियमानवली बनाई जाये । 3. जब तक नियुक्ति प्रक्रिया में संशोधन नहीं किया जाता है तब तक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानेदय , अतिरिक्त मानदेय में केन्द्र से निर्धारित मंहगाई भत्ते को लागू कर भुगतान किया जाये एवं कम से कम 18000/9000 रू 0 कार्यकर्ता / सहायिका , को भुगतान किया जाये । 4. सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग की ओर से कम से कम 500000 / – रु ० का स्वास्थ्य बीमा कराया जाये एवं सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं , सहायिकाओं एवं मिनी कार्यकर्ताओं को आयुष्मान योजना की पात्रता में शामिल किया जाये एव ग्रेजुटी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए 5. महिला बाल विकास के अतिरिक्त किसी भी अन्य कार्य में डियूटी न लगाई जाये जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूर्णरूप से से किया जा सके और जीवन से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवायें प्रभावित न हों और हर गभवती , शिशुवती और बच्चों की सही देखरेख हो और देश को एक स्वस्थ्य और आदर्श नागरिक प्राप्त हो सके । 6. महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रत्येक मद में प्राप्त राशि और पोषण , खेल , स्वास्थ्य सम्बन्धित सभी सामग्री उनके केन्द्रों पर समय – सीमा में उपलब्ध कराई जाये और विभागीय ऐप पोषण ट्रेकर और सम्पर्क एप को मर्ज करके एक ही ऐप से कार्य कराया जाये । 7. आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिये ज्यादा से ज्यादा भवन उपलब्ध कराये जायें और जो भवन किराये के भवनो में संचालित हो रहे उनका किराया वर्तमान स्थिति के आधार पर बढ़ाकर प्रदान किया जाये । B. अन्य विभागों की भांति महिला एवं बालविकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , सहायिका और मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी एक – एक करके कम से कम 15 दिवस का ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रदान किया जाये । 9.10 वर्ष के अनुभव , शिक्षा और वरिष्ठता के आधार पर पर्यवेक्षक पद पर बिना किसी परीक्षा के सीधी भर्ती की जाये , म 0 प्र 0 के बाहर के आवेदन स्वीकार नहीं किये जाये । उत्तरप्रदेश में यह प्रक्रिया है । 10. मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों को पूर्णकेन्द्र बनाया जाये और सहायिका की नियुक्ति के उपरांत ही नये केन्द्रों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो और मिनी केन्द्रों को स्वीकृत न करते हुये पूर्ण केन्द्र ही संचालित कराये जायें । 11. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , मिनीकार्यकर्ता बहने जब तक शासकीय कर्मचारी घोषित नहीं की जाती है तब तक उनका रिटारमेंट नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि उनकेक जीवन यापन का यही एकमात्र साधन है और यदि जिनको रिटायरमेंट दिया जा रहा है तो उन सभी को 2018 अप्रैल से माननीय मुख्यमंत्रीजी द्वारा घोषित की गई राशि म ० प्र ० आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं / सहायिकाओं / मिनीकार्यकर्ता की सेवा निवृत्ति पर उन्हें क्रमश : 100000 / – 75000 / – एवं 75000 / -रु ० की राशि प्रदान की जाये