घोड़ाडोंगरी और खेड़ी के बिजली कंपनी के जेई सस्पेंड विद्युत वितरण कंपनी में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा
स्ट्रीट लाइट में फर्जीवाड़ा करने वाले दो प्रबंधक और 2 सहायक प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया गया है विद्युत वितरण कंपनी मैं बिना अनुमोदन स्ट्रीट लाइट लगाने और भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी करने का फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है । मुख्य महाप्रबंधक कार्य एवं योजना ने विद्युत कंपनी ने 2 प्रबंधकों और 2 सहायक प्रबंधकों को सस्पेंड कर दिया है । वहीं 2 तत्कालीन उपमहाप्रबंधकों को चार्जशीट दी है घोड़ाडोंगरी को ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट के कार्यों में वित्तीय अनियमितता और गुणवत्ता विहीन कार्यों की शिकायत मिलने पर कंपनी द्वारा भोपाल मुख्यालय के 3 वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की जांच कराई थी । जांच में कई गड़बड़ी सामने आईं । इस पर कंपनी ने तत्कालीन उप महाप्रबंधक भगत सिंह कुशवाह , उप महाप्रबंधक भूपेंद्र सिंह बघेल को आरोप पत्र जारी किया है । घोड़ाडोंगरी वितरण केंद्र के तत्कालीन प्रबंधक संदीप मेश्राम और सहायक प्रबंधक उमेश सरयाम तथा खेड़ी वितरण केंद्र के तत्कालीन प्रबंधक छतर सिंह भवेदी और सहायक प्रबंधक विवेक सिंह उइके को निलंबित कर दिया है । इन अधिकारियों ने आवश्यकता नहीं होने पर भी कई सामग्री प्रावधान कर फर्जीवाड़ा किया जांच में यह सामने आया कि एमी केवल टेंशन क्लैप , सस्पेंशन क्लैप एवं एलटी डेड एंड क्लैप तीनों का प्रावधान काम के लिए किया है , जबकि सामान्यतः किसी खंभे में इनमें से एक ही स्लैप लगता है । जे हुक क्लैप का अलग से प्रावधान किया है । जबकि जे हुक क्लैप की कीमत उक्त क्लैपों की कीमत में शामिल है । एबी केबल की साइज एवं क्षमता को लेकर एकरूपता नहीं रखी गई एक कोर एवी केबल में एक खंभे में मात्र 1 एवं तीन कोर एवी केवल में एक खंभे में मात्र 3 नगपियसिंग कनेक्टर आवश्यक है । जबकि प्राक्कलन में हर खंभे में 5 कनेक्टर के प्रावधान किए हैं । शैकल हार्डवेयर व न्यूटर क्लैप की आवश्यकता न होने के बावजूद प्रत्येक खंभे में इनके प्रावधान किए हैं । मप्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कराई गई जांच में पाया कि स्ट्रीट लाइट के कार्य का प्रारंभ करने के पूर्व निर्माण कार्य में प्रयुक्त की जाने वाली प्रत्येक सामग्री को विभाग के सुपरविजन अधिकारी से अनुमोदित नहीं कराया था । सुपरविजन चार्ज लिए जाने के बावजूद अधिकांश कार्यों का सुपरविजन और इंस्पेक्शन संबंधित वितरण केंद्र के प्रभारियों द्वारा नहीं किया गया । जांच में पाया कि घोड़ाडोंगरी और खेड़ी के सहायक प्रबंधकों उमेश सरयाम और विवेक सिंह उइके द्वारा लाइन निर्माण कार्य का सुपरविजन या इंस्पेक्शन किए बगैर प्राक्कलन के प्रावधानों के आधार पर लापरवाहीपूर्वक ग्राम पंचायतों की माप पुस्तिका सत्यापन किया है । इस फर्जीवाड़े के साथ ही अब विद्युत विस्तार लाइनों में हो रही गड़बड़ी के परेशान उपभोक्ता भी सामने आने लगे हैं घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में कई किसान ऐसे हैं जिनसे विद्युत विस्तार करने नए खंभे और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए विद्युत वितरण कंपनी ने अपना सुपरविजन चार्ज तो ले लिया ।संबंधित विद्युत ठेकेदार ने किसानों से रुपए भी ले लिए उसके बावजूद आज तक खंबे नहीं लगाए गए हैं तार नहीं लगाए गए हैं और वहां पर चोरी का पुराना ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है ऐसी सारे पीड़ित किसान सामने आने लगे हैं ऐसे ही घोड़ाडोंगरी क्षेत्र के किसानों का मामला सामने लाएंगे।







