मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को दिये सफलता के मूलमंत्र

जीतना आसान है, जीतने के बाद लोकप्रियता बरकरार रखना कठिन काम है।

राग-द्वेष व अहं से मुक्त होकर, उत्साह के साथ निर्विकार रूप से गाँव की समृद्धि के लिए काम करें।अगर आप जनता की भागीदारी से कोई काम करेंगे तो मैं मानता हूँ उस काम में आपको ज्यादा सफलता मिलेगी। श्रद्धेय श्री तुलसीदास जी महाराज ने श्रीरामचरितमानस में कहा है कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
परहित सरिस धर्म नहिं भाई। पर पीड़ा सम नहिं अधमाई॥

जो-जो पात्र भाई-बहन हैं वह अपने अधिकार से वंचित न रह जाएं। हमें जनता को उनके हक और अधिकार देना है।

मैं कोशिश कर रहा हूं, कई जगह औचक निरीक्षण भी कर रहा हूं। जहां गड़बड़ मिल रही है वहां सही करने का काम भी कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि आप मेरी आंख और कान बन जाओ।
चुने जाने के बाद सभी के प्रति एक समान जिम्मेदारी बनती है।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने कहा है कि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास”। हमारी कोशिश हो कि विकास के काम में हम सबको साथ लेकर चलें।

लोकतंत्र में सबसे बड़ी है तो “जनता”। जनता के बाद, जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं चाहे वह पंच हों, सरपंच हों या किसी और पद पर चुने गए हों।
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