*जनजाति कार्य विभाग जिला ग्वालियर संभाग ग्वालियर के कारनामे दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए* – *महाराज सिंह राजोरिया*
मूलचन्द मेधोनिया पत्रकार भोपाल मोबाइल 8878054839
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ग्वालियर 19 नवंबर । आज प्रेस को जारी विज्ञप्ति में मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक एवं नगर पालिका परिषद डबरा के पूर्व चेयरमैन महाराज सिंह राजोरिया ने बताया कि विधानसभा में गलत जानकारी देना फर्जी छात्रवृत्ति के घोटालों में शामिल फर्जी छात्रवृत्ति घोटाले के अपराधों में नाम शामिल राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी ने आदेशों में राज्य प्रशासन सेवा के अधिकारी बनाया और सहायक आयुक्त का प्रभार दिया विनय सक्सेना द्वारा विधान सभा क्वेश्चन लगाए गया था
विधानसभा प्रश्न का क्रमांक 1583 जिसका उत्तर 14 मार्च 2022 तक दिया जाना था, जनजाति कार्य विभाग जिला ग्वालियर के प्रभारी सहायक आयुक्त एचबी शर्मा इनका मूल पर प्राचार्य है इनके द्वारा विधानसभा को गलत जानकारी भेजी गई है विधानसभा में गलत उत्तर देना काफी बड़ा गंभीर अपराध है विधानसभा में गलत जानकारी देना गंभीर मामला है, यह प्राचार्य भी जनजाति कार्य विभाग के हैं वर्तमान में इनकी पदस्थापना कार्यालय संभागीय उपायुक्त अनुसूचित जाति जनजाति कार्य विभाग संभाग ग्वालियर में है शासन ने इनका स्थानांतरण संभागीय उपायुक्त कार्यालय के विकल्प पर किया था संभागीय उपायुक्त का कर्तव्य था कि इनको ग्वालियर संभाग में जनजाति कार्य विभाग के किसी भी विद्यालय में प्राचार्य के रिक्त पर पदस्थ किया जाना था
यदि ग्वालियर संभाग में पद रिक्त नहीं था तो इन्हें मध्यप्रदेश में किसी विद्यालय में रिक्त पद पर पदस्थ हेतु प्रदेश शासन अनुसूचित जाति जनजाति विभाग अथवा आयुक्त जनजाति कार्य विभाग मध्यप्रदेश को प्रस्ताव भेजना चाहिए था जो आज तक नहीं भेजा गया है एच बी शर्मा के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा कब कार्यवाही की जाएगी तथा कलेक्टर और कमिश्नर क्यों वचाना चाहते हैं जवकि प्रदेश के मुख्य मंत्री भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सभाओं में भ्रष्टाचारियों को बक्से ना जाने की बात कह रहे हैं,*यह आरोप लगाया है महाराज सिंह राजोरिया ने जो डबरा नगर पालिका परिषद के पूर्व चेयरमैन है वह मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश संयोजक है*
आप देखें कितने गलत आदेश किए जा रहे हैं दोषियों को बचाया जा रहा है महाराज सिंह राजोरिया ने बताया कि दर्जनों नहीं सैकड़ों शिकायतें कलेक्टर ग्वालियर से लेकर संभाग ग्वालियर सहित शासन और मुख्यमंत्री को की गई है लेकिन सभी शिकायतें कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय में धूल खा रही है राजोरिया ने बताया है कि जनजाति कार्य विभाग ग्वालियर के एचबी शर्मा विभाग के प्राचार्य हैं और इनको सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग ग्वालियर का प्रभार देते समय इन्हें राज्य प्रशासनिक सेवा का अधिकारी मानकर आदेश जारी कर दिया जबकि यह राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी नहीं है राजोरिया ने मांग की है कि
इन्हें तत्काल सहायक आयुक्त के पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाए, इसी प्रकार श्रीमती उषा पाठक को तत्कालीन कलेक्टर ने जांच में दोषी पाया सभी शिकायतों में लगाए गए आरोप सिद्ध पाए गए जांच रिपोर्ट में उषा पाठक को निलंबित करने की सिफारिश की है और विभाग की संपूर्ण जांच जांच दल बनाकर करने की अनुशंसा करते हुए आयुक्त ग्वालियर को वर्ष 2019 में ही भेजी गई लेकिन आज तक न निलंबित किया गया है नहीं किसी प्रकार की कोई जांच की गई है एक दूसरे आरोप में इनके विरुद्ध अजाक थाने में दर्ज अपराध में आरोपी है प्रकरण ग्वालियर न्यायालय में विचाराधीन है लेकिन फिर भी इनको आज तक निलंबित नहीं किया गया यदि अनुसूचित जाति जनजाति का अधिकारी होता तो निलंबित ही नहीं उसके सब कर्म कर दिए जाते हैं यह जातिवाद का खुला आरोप है
महाराज सिंह राजोरिया में भी दर्जनों शिकायतें शासन प्रशासन से की है लेकिन आज तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। राजोरिया ने प्रेस के माध्यम से शासन प्रशासन से मांग की है कि इन दोनों अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए और दिए गए परिवारों से तत्काल मुक्त किया जाए।
राजोरिया ने प्रेस को एचबी शर्मा को राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मानकर प्रभार देने का आदेश और उषा पाठक के विरुद्ध की गई जांच रिपोर्ट तथा न्यायालय के दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं जिसमें यह आरोपी है।







