**दमोह, 2 सितंबर।** कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) दमोह में बुधवार को SGP परियोजना के अंतर्गत ग्राम भारती महिला मंडल संस्था द्वारा किसान संगोष्ठी एवं कृषि यंत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पथरिया ब्लॉक के असलाना, भटपुरा, हिनोता, चकेरी एवं महुना क्षेत्र के किसानों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा उन्नत कृषि यंत्रों के माध्यम से कृषि कार्यों में समय, श्रम एवं लागत की बचत के साथ उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रेरित करना रहा। इस अवसर पर किसान समिति को **सीड ट्रीटमेंट मशीन** वितरित की गई। किसानों को बीज उपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, मशीन के उपयोग एवं इसके लाभों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में **उप संचालक कृषि (DDA) दमोह श्री जे. एल. प्रजापति**, किसान मोर्चा भाजपा के प्रदेश महामंत्री **श्री गोपाल पटेल**, जिला अध्यक्ष किसान मोर्चा **श्री महाराज सिंह लोधी**, प्रदेश सदस्य **श्रीमती नर्मदा (एकता) सिंह**, कृषि विज्ञान केंद्र दमोह के प्रमुख **डॉ. मनोज अहिरवार**, वरिष्ठ वैज्ञानिक **डॉ. राजेश द्विवेदी**, महुना के सचिव **श्री राजेश खरे** एवं असलाना के उपसरपंच **श्री सरदार सिंह** सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित रहे।
उप संचालक कृषि श्री जे. एल. प्रजापति ने किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं सब्सिडी प्रावधानों की जानकारी देते हुए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि यंत्रों एवं तकनीकों के उचित उपयोग से किसानों के समय और श्रम की बचत होने के साथ कृषि लागत कम करने में भी मदद मिलेगी।
किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री श्री गोपाल पटेल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि लागत कम करने की दिशा में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने किसानों से कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार उन्नत तकनीकों को अपनाने की अपील की।
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को बीज उपचार के महत्व तथा स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। किसानों ने सीड ट्रीटमेंट मशीन मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे खेती में नई तकनीकों को अपनाने में सुविधा होगी।
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित हुआ। ग्राम भारती महिला मंडल संस्था ने बताया कि SGP परियोजना के अंतर्गत किसानों की क्षमता वृद्धि, टिकाऊ कृषि पद्धतियों एवं आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।