*डब्ल्युसीएल के सुरक्षा प्रहरी के साथ मारपीट करने वाले आरोपी को 6 माह का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये के जुर्माने से किया गया दण्डित*

 

माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (श्रीमती संगीता भारती राठौर), बैतूल के न्यायालय द्वारा डब्ल्युसीएल के सुरक्षा प्रहरी के साथ मारपीट करने वाले आरोपी धर्मेन्द्र उपराले पिता केवलराम उपराले, उम्र 30 वर्ष, निवासी शक्तिनगर, शोभापुर काॅलोनी, पाथाखेड़ा, थाना सारणी जिला बैतूल (म.प्र.) को धारा 332 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुये 6 माह का सश्रम कारावास एवं 2000 रूपये के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में मध्यप्रदेश राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन श्री अभय सिंह ठाकुर, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी, बैतूल द्वारा किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरणः-*

फरियादी चंदन ने पुलिस चौकी पाथाखेड़ा में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि वह डब्ल्युसीएल में सुरक्षा प्रहरी के पद पर कार्यरत् है, दिनाँक 30.04.2021 को रात्रि करीब 08ः30 बजे उसे सूचना मिली कि एमपीईबी सारणी के बंकर से कोयला चोरी हो रहा है तो वह एवं गणेश उईके वहाँ गए और वहाँ सीमेंट की बोरियों में कोयला भरा रखा था, उन्होंने बोरियों में भरे कोयले को वापस बंकर में खाली कर दिया और बोरिया शोभापुर माईन्स में जमा कर दी। शोभापुर माईन्स गेट के पास खाना खाकर बैठे थे, रात्रि करीब 09ः15 से 09ः45 बजे के बीच धर्मेन्द्र उपराले आया और बोला कि ‘‘बोरी का कोयला किसने खाली किया?‘‘ चंदन ने कहां कि उसने बोरी का कोयला खाली किया है, इसी बात पर से धर्मेन्द्र उसे माँ-बहन की गंदी-गंदी गाली देने लगा। उसने धर्मेन्द्र को गाली देने से मना किया तो धर्मेन्द्र ने प्लास्टिक का पाईप उठाकर उसकी पीठ पर मार दिया तथा पत्थर उठाकर उसकी तरफ फेंकने लगा एवं लकड़ी का डंडा लाकर उसके सिर पर मार दिया। मारपीट से उसे सिर में बाई तरफ, पीठ एवं कुल्हें पर चोट आई थी। झगड़े में गणेश एवं नागदेव ने बीच-बचाव किया। धर्मेन्द्र बोला कि यदि दुबारा कोयला खाली किया और थाने में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर दूँगा। फरियादी की उक्त षिकायत पर से जीरो की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गई जिसके आधार पर थाना सारणी ने असल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया और फरियादी का मेडिकल परीक्षण कराकर उसके कथन लेखबद्ध लिये गये। आवष्यक अनुसंधान उपरान्त अभियोग पत्र विचारण हेतु माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बैतूल के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन अधिकारी श्री अभय सिंह ठाकुर, एडीपीाओ द्वारा राज्य की ओर से सशक्त पैरवी करते हुये अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

*(अजीत सिंह)*
एडीपीओ
जिला अभि.संचा., बैतूल