:*वेतन के लिए ज्वालामुखी बने मजदूर, जीएम ऑफिस के गेट पर गूंजा आक्रोश*

 

सारनी। पाथाखेड़ा क्षेत्र की तीनों खदानों से उठी मजदूरों की आवाज अब निर्णायक संघर्ष का रूप लेती दिखाई दे रही है। मजदूरों का रुख बदलने के कोई संकेत नहीं मिले, बल्कि जीएम ऑफिस के मुख्य द्वार पर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन ने पूरे क्षेत्र का माहौल गरमा दिया।

प्रदर्शन के दौरान सात श्रमिकों के साथ दो महिला मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल प्रबंधन से मिलने पहुंचा। महिला श्रमिकों ने वेतन बकाया और कार्यस्थल पर कथित अत्याचारों की आपबीती सुनाते हुए प्रशासन को झकझोर दिया। उनकी पीड़ा ने आंदोलन को और अधिक संवेदनशील व तीखा बना दिया।

क्षेत्र भर से बड़ी संख्या में मजदूर आंदोलन के समर्थन में शामिल हुए और एकजुटता का परिचय दिया। इस बीच प्रबंधन की ओर से एपीएम ललित प्रसाद तिर्की ने ठेकेदारों को सख्त निर्देश जारी करते हुए बकाया मजदूरी शीघ्र खाते में जमा करने का आदेश दिया। उन्होंने ई-मेल और लिखित पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया कि बकायेदार मजदूरों का पूर्ण वेतन निर्धारित अंतिम तिथि तक अदा किया जाए।

हालांकि आंदोलनकारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि होली पर्व से पूर्व मजदूरी का संपूर्ण भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है। एक मजदूर ने आक्रोश में यहां तक कह दिया कि होली से पहले वेतन न मिलने की स्थिति में वह जीएम ऑफिस गेट पर आत्महत्या करने को मजबूर होगा।

नेताओं ने घोषणा की कि यदि न्याय नहीं मिला तो होली के बाद मजदूर अपने परिवारों सहित जिला कलेक्टर के समक्ष सामूहिक शिकायत दर्ज कराएंगे। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और मजदूरों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा। कई मजदूरी ने लगाई सीएम हेल्पलाइन, मजदूरों का मानना है कि माननीय मुख्यमंत्री के पास शिकायत करके हमारा जल्द से जल्द निराकरण करने की बात कही जाए इस वजह से दर्जनों मजदूरों ने कल पहला लाइन 181 का भी सहारा लिया।