*बकाया वेतन नहीं मिलने से ठेका मजदूर ने आम सभा में लिए निर्णायक फैसले*

 

*सारनी संवाददाता*

सारनी/ पाथाखेड़ा साप्ताहिक बाजार में आम सभा में चर्चा के दौरान ठेका मजदूरों ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी। प्रबंधन-ठेकेदार गठजोड़ पर गंभीर आरोप
सारनी शहर में पाथाखेड़ा क्षेत्र की खदानों में कार्यरत ठेका मजदूरों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। अधिकारियों की कथित टाल-मटोल और जिम्मेदारी से बचने के रवैये से नाराज़ सैकड़ों मजदूरों एवं पदाधिकारियों ने रविवार को आम सभा कर अपनी समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की और ठोस कार्रवाई का निर्णय लिया।

बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा ठेकेदारों द्वारा प्रबंधन के नियमों के अनुरूप पूर्ण भुगतान नहीं किए जाने का रहा। मजदूर नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मुख्य महाप्रबंधक के नाम सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त पत्र तैयार कर सोमवार को सौंपा जाएगा। मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि दो-तीन दिनों के भीतर सभी ठेकेदार लंबित वेतन का पूरा भुगतान नहीं करते, तो बड़े स्तर पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा।

श्रमिक नेता प्रदीप नागले ने कहा कि ठेका श्रमिकों के साथ लगातार धांधली,लुटखोरी और अत्याचार हो रहा है, जिससे उन्हें निजात दिलाना संगठन का कर्तव्य है। वहीं कर्मनिष्ठ नेता संतोष देशमुख ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कुछ ठेकेदार चुनिंदा मजदूरों के खातों में लगभग 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से राशि डाल रहे हैं व जिन्हें पूर्ण वेतन अकाउंट में डाला गया उनसे वापस पैसे लेने का पुरजोर प्रयास कर दबाव बनाने का काम कर रहे हैं ठेकदार, खाते में वेतन डालने के बाद शेष रकम वापस करने का दबाव बना रहे हैं।वहीं मजदूरों का आरोप है कि कई ठेकेदार कैश में पैसा लेने के लिए घर बुलाते हैं तथा 400 से 500 रुपये दैनिक मजदूरी देने की शर्त रखते हैं। विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी भी दी जा रही है।

मजदूरों ने यह भी सवाल उठाया कि जब तक श्रमिक वेतन पर्ची पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं, तब तक बिल पास नहीं होने चाहिए, फिर भी बिना हस्ताक्षर पूर्ण भुगतान के ठेकेदारों के बिल स्वीकृत कैसे हो रहे हैं। इसको लेकर प्रबंधन के कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई गई है।स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में श्रमिको में असंतोष तेजी से बढ़ रहा है। मजदूरों का कहना है कि अब वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और आंदोलन की तिथि भले घोषित न हुई हो, लेकिन अनिश्चितकालीन हड़ताल लगभग तय मानी जा रही है। आने वाले दिनों में प्रबंधन की प्रतिक्रिया प

र पूरे खदान क्षेत्र की औद्योगिक शांति निर्भर करेगी।
रिपोर्टर, महेश नागवंशी
Pathakhera