ब्रह्मा कुमारीज की शाखा घोड़ाडोंगरी में शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया गया जिसमें ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी दीदी ने शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य सभी के सम्मुख रखा उन्होंने बताया शिवरात्रि अर्थात अज्ञानता की रात्रि आज दुनिया में जितने भी मनुष्य आत्मा हुई है चाहे वह दिव्य आत्मा चाहे वह देव आत्मा हो धर्मात्मा हो महात्मा हो सबका जन्म दिवस मनाया जाता है केवल परमात्मा शिव और शक्ति की रात्रि मनाई जाती है अर्थात यह रात्रि कोई साधारण दिन रात वाली रात्रि नहीं है यह अज्ञानता भ्रष्टाचार नकारात्मकता जो चारों तरफ फैली है वहीं रात्रि है ऐसी अज्ञानता की रात्रि में परमात्मा का इस धरा पर पुण: अवतरण होता है
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जिसमे परमात्मा आकर आत्मा रूपी दीपक को जागते हैं अर्थात सबके अंदर पुण: प्रेम सुख शांति पवित्रता से सबको भरपूर करते हैं यह रात्रि में चल रहा कार्य गुप्त रिती पूर्ण होता है इसीलिए परमात्मा को गुप्तेश्वर कहा जाता है इसमें बताया गया यह हमारी कमजोरी का प्रतीक है जो हम सभी को परमात्मा शिव पर अर्पित करनी है बली अर्थात किसी जीव की नहीं मै पन अभियान की बली परमात्मा शिव पर अर्पित करनी है इन सब बातों का रहस्य सभी के सम्मुख रखा गया इस कार्यक्रम में परमात्मा शिव का झंडा रोहण किया गया साथ ही साथ सभी से दीप जलाए गए दीपक हमारी खुशहाली का प्रतीक है
साथ ही साथ सभी ने हसहुलास के साथ इस दिन को मनाया परमात्मा शिव की शिवरात्रि को उनकी जयंती के रूप में मनाया गया ब्रह्माकुमारी संस्थान इस वर्ष 90 भी त्रिमूर्ति शिव जयंती पूरे विश्व के अंदर मना रहा है जन जन तक परमात्मा का संदेश शिवरात्रि के माध्यम से पहुंचा जा रहा है जब हम स्वयं को जगाएंगे अर्थात जागरण करेंगे तभी हमारा यह विश्व स्वर्णिम विश्व बनेगा







