प्रसिद्ध पर्वतारोही प्रताप बिसंदरे, माउंट किलिमंजारो (तंजानिया) जो अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है और इसकी ऊंचाई 5,895 मीटर (19,340 फीट) है, इसे दुनिया का सबसे ऊंचा अकेला खड़ा पहाड़ कहा जाता है पर पर्वतारोहण कर 26 जनवरी को लहरायेंगे तिरंगा ध्वज।
आज आमला से अफ्रीका के लिए रवाना होने से पूर्व पर्वतारोही प्रताप बिसंदरे का जिले के खेल संघों के प्रतिनिधि के रूप में बैतूल जिला पिट्टू एसोसिएशन के अध्यक्ष – नीरज सोनी, उपाध्यक्ष – नरेश भावसार, कोषाध्यक्ष – हरिभाऊ झरबड़े के द्वारा प्रमुख समाजसेवियों की उपस्थिति में सम्मान किया गया।
पर्वतारोही प्रताप बिसंद्रे का जन्म, तहसील आमला के ग्राम बड़गांव में हुआ। इनके पिता रामचरण बिसंद्रे जी और परिवार, ग्राम बडगांव में ही निवास करता है। प्रताप जी ने पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स 2021 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से ‘A’ ग्रेड में किया, इसके बाद वर्ष 2023 में पर्वतारोहण का
एडवांस कोर्स भी नेहरू पर्वतारोहण संस्थान उत्तरकाशी से पूरा किया । कोर्स के दौरान भी उत्तराखंड में स्थित पर्वत माछाधार और हुर्रा टॉप जिनकी ऊंचाई 16000 फीट है उनको भी कोर्स ग्रुप के साथ सफलता पूर्वक आरोहण किया। इन्होंने 15 अगस्त 2023 को माउंट यूनाम ऊँचाई 20049 फीट (6111 मी०) की चोटी पर सफलतापूर्वक आरोहण किया। पुनः 15 अगस्त 2024 को माउंट यूनाम ऊँचाई 20049 फीट (6111 मी०) की चोटी पर दूसरी बार आरोहण किया। 27 अगस्त 2024 को कांग यात्से–2 की चोटी ऊँचाई 20505 फीट (6250मी०) पर आरोहण किया। 30 अगस्त 2024 को कांग यात्से–1 की चोटी ऊँचाई 21000 फीट (6400 मी०) पर आरोहण करने में सफलता प्राप्त की।
अब वर्ष 2026 में पर्वतारोही प्रताप बिसंदरे, माउंट किलिमंजारो (तंजानिया) पर 21 जनवरी से 28 जनवरी के मध्य पर्वतारोहण करेंगे तथा अपनी मातृभूमि को गौरवान्वित करेंगे।







