**भक्ति के पथ पर विकास की दस्तक: केरिया-अम्बा माई मार्ग का विधायक डॉ. पंडाग्रे ने किया भूमिपूजन*

प्रकाश सराठे

*​बड़ी सौगात: 4.83 करोड़ की लागत से सुगम होगा भोपाली का सफर, श्रद्धालुओं का दशकों का इंतजार हुआ खत्म*
​रानीपुर |
क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल भोपाली जाने वाले श्रद्धालुओं और वन ग्रामवासियों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक रहा। बरसों से जर्जर राहों और धूल के गुबार से जूझ रहे भक्तों की मुराद अब पूरी होने जा रही है। आमला-सारणी विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने शुक्रवार दोपहर ठीक 3:00 बजे ग्राम केरिया से वन ग्राम अंबा माई होते हुए भोपाली तक बनने वाले महत्वपूर्ण मार्ग का विधि-विधान से भूमिपूजन किया। लगभग 4 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क न केवल कनेक्टिविटी सुधारेगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन और आस्था को नए पंख लगाएगी।

​** दशकों का वनवास खत्म, अब पक्की होगी राह**
​बता दें कि ग्राम केरिया से अंबा माई और भोपाली तक का यह मार्ग पिछले कई दशकों से बदहाली के आंसू रो रहा था। वन क्षेत्र होने और तकनीकी अड़चनों के कारण यहाँ पक्की सड़क का निर्माण अटका हुआ था। ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण विशेषकर महाशिवरात्रि के मेले और सावन के सोमवार को श्रद्धालुओं को भारी मशक्कत करनी पड़ती थी। अब स्वीकृति मिलने के बाद विधायक द्वारा किए गए भूमिपूजन ने ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है।
​**विधायक ने फावड़ा चलाकर किया भूमि पूजन**
​दोपहर 3:00 बजे शुभ मुहूर्त में पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधायक डॉ. पंडाग्रे ने शिलापट्ट का अनावरण किया। उन्होंने स्वयं फावड़ा चलाकर और भूमि पूजन कर निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने आतिशबाजी कर इस सौगात का स्वागत किया।

​**श्रद्धा का मार्ग विकास का द्वार’**
​संबोधन के दौरान विधायक डॉ. पंडाग्रे ने कहा भोपाली और अंबा माई हमारे क्षेत्र के आस्था के बड़े केंद्र हैं। यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को कष्ट हो, यह हमारे लिए पीड़ादायक था। 4.83 करोड़ की यह सड़क मील का पत्थर साबित होगी। हमारा लक्ष्य हर वन ग्राम को मुख्य धारा से जोड़ना है।उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।
**​मायूसी हुई काफूर, ग्रामीणों ने जताया आभार**
​सड़क नहीं बनने से क्षेत्र में लंबे समय से मायूसी और आक्रोश का माहौल था। पत्रिका ने भी इस मुद्दे को समय-समय पर प्रमुखता से उठाया था। शुक्रवार को भूमिपूजन होते ही श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से अब आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस और अन्य वाहन आसानी से गांव तक पहुंच सकेंगे।

*​*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा*
​विशेषज्ञों का मानना है कि इस मार्ग के निर्माण से भोपाली क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में इजाफा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से अंबा माई मंदिर एवं शिखर गुफा में शिव बाबा के दर्शन करने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर छोटे दुकानदारों और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।