*बाबा मठारदेव के मेले में ममता ऊइके के आदिवास गीतों की धमाकेदार प्रस्तुति, लाल लाल साड़ी वाली, मठारदेव मेले में आ जाना… पर झूमे लोग*

 

_मेले में आनंद उत्सव के तहत पहला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित, बादल इरपाचे और साथियों ने प्रस्तुत किए एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत, लोक नृत्य की भी झलक।_

सारनी। नगर पालिका परिषद सारनी द्वारा श्री श्री 1008 बाबा मठारदेव के मेले में आनंद उत्सव के तहत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी के तहत गुरुवार 15 जनवरी को आमला की लोक गायिका ममता ऊईके और साथियों ने एक से बढ़कर एक गीत प्रस्तुत किए।

दोपहर 2.30 बजे कार्यक्रम की शुरुआत नगर पालिका अध्यक्ष किशोर बरदे, पार्षद भीम बहादुर थापा, गणेश महस्की, मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीके मेश्राम, बैतूल से आए वरिष्ठ पत्रकार नवनीत गर्ग, राजेश भाटिया, हेमंत रघुवंशी, वाजिद खान ने सरस्वती पूजन कर की। लोक संगीत कार्यक्रम की शुरुआत बड़ा देव की स्तुति के साथ हुई। इसके बाद ममता ऊइके ने शिवरात्रि ता महीना ता….गीत प्रस्तुत किया। आकर्षक आदिवासी लोक नृत्य के साथ हुई इस प्रस्तुति ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। लोक गायक श्यामू परते ने भोले बाबा और बाबा मठारदेव पर भी आदिवासी गीत प्रस्तुत किया। बादल इरपाचे द्वारा बैतूल जिला ता हुड़ा धमाका ये वसांगो … प्रस्तुत गीत पर दर्शक खूब झूमे। गायिका आरती परते ने नीवा वंचिना बोली… गीत प्रस्तुत किया। इसपर दर्शक झूमने लगे। ममता ने ये बढ़िया पीली रे पीली…. और लाल लाल साड़ी भी वाली, ओ मेरी साली बाबा मठारदेव मेले में आ जाना गीत गाकर लोगों को डांस करने पर मजबूर कर दिया। ममता ने मंच से उतरकर भजन न किया तो क्या किया… गीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम हजारों की संख्या में देशकगण उपस्थित थे। कार्यक्रम शाम 7.30 बजे तक चला। शुक्रवार 16 जनवरी को शाम 7 बजे से सा रे ग़ म प की कलाकार वैशाली रैकवार, उज्जैन के महाकाल सरकार सन्नी अलबेला के भजनों की प्रस्तुति देंगे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं मेला अधिकारी सीके मेश्राम ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने का आग्रह किया है।