अजाक्स और मांझी सरकार सैनिकों ने ग्वालियर में सौंपा ज्ञापन

एमबीबीएस छात्र की मौत के मामले में ग्वालियर पहुंचे परिजन, एसपी-कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग
अजाक्स और मांझी सरकार सैनिकों ने ग्वालियर में सौंपा ज्ञापन
बैतूल। गजराराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के आदिवासी छात्र यशराज उइके की संदिग्ध मौत के मामले में बैतूल से पहुंचे अजाक्स संगठन और कंगला मांझी सरकार सैनिकों के प्रतिनिधि मंडल ने ग्वालियर एसपी, कमिश्नर और

थाना झांसी रोड ग्वालियर टीआई शक्ति सिंह यादव को ज्ञापन सौंपकर उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में मृतक छात्र के पिता पंचम सिंह उइके सहित अजाक्स जिला अध्यक्ष दशरथ धुर्वे, मांझी सरकार सैनिक मुनेश उइके, दयाराम मर्सकोले, जसवंत वरकडे आदि शामिल रहे।
परिजनों ने ज्ञापन में बताया कि यशराज उइके गजराराजा मेडिकल कॉलेज में अध्ययनरत था। 10 नवंबर 2025 की रात लगभग 10 बजे परिजन को फोन पर जानकारी दी गई कि यशराज फर्स्ट फ्लोर से गिर गया है और आईसीयू में इलाज चल रहा है। परिवार रातोंरात ग्वालियर पहुंचा, जहां उन्होंने एक हजार बिस्तर ट्रॉमा सेंटर में स्ट्रेचर पर यशराज का शव पड़ा देखा, जिससे परिजन स्तब्ध रह गए।

परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि वह फर्स्ट फ्लोर से गिरा था तो शरीर पर चोट, खरोंच या खून के निशान क्यों नहीं थे। फोन थर्ड फ्लोर पर क्यों मिला जबकि छात्र फर्स्ट फ्लोर से गिरा बताया गया। चप्पल भी व्यवस्थित रखे हुए मिले, जो घटना पर गंभीर संदेह उत्पन्न करते हैं। परिजनों ने यह भी बताया कि दीपावली पर घर आने पर यशराज ने ताऊजी को बताया था कि कॉलेज में कुछ छात्र बैतूल जिले के गोंड लड़के के डॉक्टर बनने की बात कहकर उससे द्वेष रखते हैं और उसके साथ भेदभाव कर रहे हैं।
परिवार का आरोप है कि साथ पढ़ने वाले छात्रों ने यशराज उइके के साथ गलत व्यवहार किया और

मारपीट की, पेट पर घूंसे मारकर उसकी किडनी फोड़ दी, जिसकी वजह से उसकी मौत हुई है। परिजनों ने मांग की कि कॉलेज के छात्रों से पूछताछ की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य आदिवासी छात्र-छात्रा के साथ ऐसी घटना न हो सके, और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने शासन से न्याय दिलाने तथा पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।