*सरेराह चाकू से निर्मम हत्या के चिन्हित प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा*

 

*सरेराह चाकू से निर्मम हत्या के चिन्हित प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा*

*पुलिस की त्वरित एवं साक्ष्याधारित विवेचना से न्यायालय ने सुनाई सख्त सजा*

पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन के कुशल मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती कमला जोशी तथा एसडीओपी मुलताई श्री एस.के. सिंह के पर्यवेक्षण में थाना मुलताई पुलिस को हत्या के एक चिन्हित प्रकरण में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है।

*घटना का विवरण*

दिनांक 03 मई 2023 को थाना मुलताई पुलिस को मोबाइल पर सूचना प्राप्त हुई कि नागपुर नाका रोड, मुलताई पर एक महिला की चाकू से निर्मम हत्या कर दी गई है। सूचना पर थाना मुलताई पुलिस स्टाफ तत्काल मौके पर पहुंचा, जहां मृतिका शेख सिमरन का शव अंडे की दुकान के सामने सड़क पर पड़ा हुआ मिला। मृतिका के गले और गाल पर धारदार हथियार से वार के निशान स्पष्ट रूप से पाए गए।

घटनास्थल पर मौजूद मृतिका के भाई पिंटू उर्फ शेख शहजाद पिता शेख अफजल निवासी नेहरू वार्ड, मुलताई की रिपोर्ट पर *थाना मुलताई में अपराध क्रमांक 325/2023 धारा 302 भादवि* का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

विवेचना के दौरान *आरोपी शानिफ पिता अन्नू उर्फ हनीफ मलिक उम्र 25 वर्ष निवासी गांधी वार्ड मुलताई* के विरुद्ध अपराध प्रमाणित पाया गया। प्रकरण की विवेचना पूर्ण होने पर चालान क्र. 479/2023 दिनांक 28.07.2023 न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

*न्यायालयीन कार्रवाई*

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसे चिन्हित प्रकरणों की सूची में सम्मिलित किया गया। विचारण के दौरान आरोपी एवं फरियादी एक ही समुदाय से होने के कारण कुछ साक्षियों ने शासन के विपक्ष में गवाही दी, किंतु पुलिस द्वारा संकलित भौतिक साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट एवं वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष दृढ़ता से रखा।

माननीय द्वितीय अपर सत्र न्यायालय, मुलताई ने प्रकरण की गहनता से सुनवाई करते हुए दिनांक 13.10.2025 को आरोपी शानिफ पिता अन्नू उर्फ हनीफ मलिक उम्र 25 वर्ष निवासी मुलताई को धारा 302 भादवि में दोषसिद्ध पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹10,000/- अर्थदंड से दंडित किया।

*सजा का विवरण*

*आरोपी: शानिफ पिता अन्नू उर्फ हनीफ मलिक, उम्र 25 वर्ष, निवासी मुलताई*

*अपराध* : धारा 302 भारतीय दंड संहिता

*सजा: आजीवन सश्रम कारावास एवं ₹10,000/- अर्थदंड*

*सराहनीय भूमिका*

उक्त प्रकरण में उपनिदेशक अभियोजन श्री राजकुमार उईके एवं सहायक निदेशक अभियोजन श्री सत्यप्रकाश वर्मा के निर्देशन में ए.डी.पी.ओ. श्रीमती मालिनी देशराज द्वारा अत्यंत मेहनत, लगन एवं सूक्ष्मता से पैरवी की गई।
विवेचना में तत्कालीन थाना प्रभारी मुलताई निरीक्षक प्रज्ञा शर्मा, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अहमद अंसारी (प्रभारी सीन ऑफ क्राइम जिला बैतूल), नोडल अधिकारी उनि अमित पवार, प्र.आर. अजाबराव पंडोले, आर. नरेन्द्र कुशवाह एवं आर. विवेक पवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

*पुलिस अधीक्षक की प्रशंसा*

पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन ने प्रकरण के त्वरित निष्पादन, साक्ष्य संकलन एवं साक्ष्याधारित विवेचना के लिए थाना मुलताई पुलिस टीम, विवेचना अधिकारी, अभियोजन पक्ष तथा सीन ऑफ क्राइम यूनिट की सराहना करते हुए कहा कि –

> “ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा तत्परता एवं पेशेवर तरीके से की गई विवेचना से ही न्यायालय में अभियोजन पक्ष सशक्त बनता है और अपराधियों को कड़ी सजा सुनिश्चित होती है। बैतूल पुलिस इसी प्रकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है।”