पशु-पक्षियों के संरक्षण व अंतिम संस्कार के लिए भी जिम्मेदारी

प्रमोद सूर्यवंशी

कपट और स्वार्थ के इस दौर में जब गरीबी देख अपने सगे भी साथ छोड़ दे रहे है, जनसेवा कल्याण समिति के रूप में हम सब प्रयासरत है कि कोई भी जरूरतमंद खुद को अकेला न समझे।
कल त्यौहारों की धूमधाम के बीच जनसेवा कल्याण समिति को सूचना मिली कि खुशबू बाई

वासनिक(सररो) जी की मृत्यु हो गई है, इस दुख के साथ बड़ी पीड़ा ये कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद अक्षम था, ऐसे में उनका दुख बांटने और भार कम करने रात में ही समिति सदस्य राहुल धेण्डे, नितिन ठाकुर व छोटू राने उनके घर पहुँचे, परिजनों को सांत्वना के साथ भरोसा दिलाया कि अंतिम संस्कार के लिए परेशान न होना, सब व्यवस्था हो जाएगी।
सुबह होते-होते सहयोग का सूरज और फैला, एवं रंजीत सिंह, सुभाष सिंह, आशीष नायडू अन्ना,अम्मू गौहर,संदीप नरवरे,मोना कनोजे,सागर चौहान,अभिषेक टिकारे,शुभम खातरकर,महेश अडलक, रहीम खान शम्मी व अन्य लोगो का सहयोग अंतिम संस्कार हेतू प्राप्त हुआ।
मौन के साथ दिवंगत आत्मा को श्रद्दांजलि प्रदान की गई, एव परिजनों को आगे भी सहयोग का भरोसा भी दिया गया।

सेवाभावी संस्था के रूप में जनसेवा कल्याण समिति पिछले डेढ़ दशक से लगातार इसी तरह जरूरतमन्दों की सेवा व सहायता के लिए तत्पर है, एवं न केवल मनुष्यो अपितु गौवंशो, व अन्य पशु-पक्षियों के संरक्षण व अंतिम संस्कार के लिए भी जिम्मेदारी से जुटी हुई है