*भाजपा जिला महामंत्री ने कहा- अनावरण समारोह में उमड़ी भीड़ एवं 660 मेगावाट की नई यूनिट के वर्क आर्डर से बढ़ी है बौखलाहट*
*मुँह में गुटका दबाकर एवं जूते पहनकर हवन में शामिल हुए कांग्रेसी*
सारनी। आजादी के 70 साल तक कांग्रेस ने कभी जनजातीय समाज के स्वतन्त्रता सेनानियों को सम्मान नही दिया। न तो उनके नाम पर शैक्षणिक संस्थाओं का नामकरण किया और न ही स्मारक बनवाये। अब हो रहा है तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। सरदार विष्णु सिंह उइके की प्रतिमा अनावरण समारोह में उमड़ी भीड़ एवं 660 मेगावाट की नई यूनिट का वर्क आर्डर जारी होते ही कांग्रेस की बौखलाहट एक दम से बढ़ गयी है।
भाजपा जिला महामंत्री एवं जन भागीदारी समिति अध्यक्ष कमलेश सिंह ने कहा कि सरदार विष्णु सिंह जी की प्रतिमा का अनावरण समारोह एक गैर राजनीतिक कार्यक्रम था, लेकिन कांग्रेस के दिमाग में हमेशा राजनीति चलते रहती है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी जनप्रतिनिधि इस कार्यक्रम में सरदार विष्णु सिंह जी को नमन करने के लिए मौजूद थे। सभी गण्यमान्य नागरिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं भी कार्यक्रम में मौजूद थे। कुछ स्कूल अपनी झांकी लेकर भी आये थे उन्ही में से एक स्कूल से नव दुर्गा की झांकी भी आई थी। कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों ने पहले नव दुर्गा के स्वरूप में उपस्थित कन्याओं का सम्मान पूर्वक पूजन किया उसके बाद मंच पर पहुँचे और कार्यक्रम में सहभागीता की। बौखलाहट में कांग्रेस राजनीतिक दुर्भावना से वेवजह कन्यायों के अपमान का मुद्दा बना रही है।
कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि अनावरण समारोह से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस ने हवन और यज्ञ का पाखंड रचा। गैर हिन्दू कांग्रेसी जूता पहनकर अग्निकुंड के पास खड़े थे। मुंह पे गुटका दबाकर हवन डाल रहे थे जबकि हिन्दू परम्परा में अग्नि को भी देव माना गया है। कांग्रेस को अपने उन नेताओं के लिए सदबुद्धि मांगना चाहिए जो महिलाओं को टंच माल,आयटम एवं सर्वाधिक शराब पीने वाली कहकर अपमानित करते हैं। जो भगवान राम को काल्पनिक पात्र बताते हैं। जो अयोध्या में श्री रामलला के मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के निमंत्रण को ठुकराते हैं। जो सनातन धर्म को डेंगू मलेरिया से खतरनाक बताते हैं। कांग्रेस के मुंह से स्वतन्त्रता सेनानी,हिन्दू देवी देवताओं एवं नारी सम्मान की बात शोभा नही देती क्योंकि कांग्रेस ने कभी भी इनका सम्मान नही किया।







