महिला दिवस का आयोजन प्रभु उपहार भवन ब्रह्मा कुमारीज की शाखा घोड़ाडोंगरी में किया गया जिसमें ब्रह्माकुमारी से जुड़ी सभी माता बहनों को तिलक एवं पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया गया इस कार्यक्रम में महिला दिवस पर सभी को स्वयं की सत्य पहचान अर्थात नारी का देव स्वरूप ,जहां धन की देवी लक्ष्मी विद्या की देवी सरस्वती दुर्गुणों का नाश करने वाली दुर्गा शक्ति का प्रतीक मां काली एवं अन्न की पूर्ति
करने वाली अन्नपूर्णा ? इसी के साथ-साथ हमारा भारत जिसे देवों की भूमि कहा गया वहां भी नारी को प्रथम स्थान दिया गया जैसे राधे कृष्णा लक्ष्मी नारायण सीताराम आदि , इसके अलावा मध्यकाल में हम देखें जब-जब भारत पर अनेक विपदा आई तभी नई ने कभी आगे आकर या कभी पीछे खड़े होकर भी अपने मूल्यों का सहयोग देकर कठिन परिस्थिति में जीत प्राप्त करवाई जिसमें हम देखे रानी लक्ष्मीबाई रानी दुर्गावती जीजाबाई कस्तूरबा गांधी मदर टेरेसा आदि आदि? हमारे ही भारत देश में नदियों को जिन्हें पतित पावनी कहा गया उनके नाम भी महिलाओं पर ही मिलते हैं गंगा जमुना कृष्ण कावेरी नर्मदा ताप्ती आदि आज वर्तमान समय अनेक क्षेत्रों में महिलाओं ने अपना योगदान देकर उच्च पद प्राप्त किया इसके पश्चात भी हम देखें तो कहीं अनेक स्थानों पर नारी का तिरस्कार किया जा रहा है एवं कहीं तो स्वयं के कर्मियों के कारण स्वयं के तिरस्कार का पात्र बनी है तो आखिर इन सब के पीछे कारण क्या है ब्रह्मा कुमारी संस्थान जहां स्वयं निराकार परमात्मा हमें अपने मूल्यों की सत्य पहचान कर रहे हैं जिस कारण ब्रह्माकुमारी संस्थान का 85% कार्य बहने ही
संभालती है जिसमें अनेक माता बहनों ने अपना सर्वस्व सहयोग देकर स्वयं के साथ अनेको का जीवन परिवर्तन करने में सहयोग दिया है तो वर्तमान समय हम सबको यही संदेश दे रहा है कि हम सब मिलकर अपने मूल्यों को पहचाने एवं कमियों को बाहर निकाल कर एक श्रेष्ठ स्वर्णिम समाज का निर्माण करें यह संदेश ब्रह्मा कुमारीज लक्ष्मी दीदी ने दिया
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