छोटा महादेव पर भोपाली मेला शुरू हुआ,शिवरात्रि पर यहां उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

प्रमोद सूर्यवंशी

छोटा महादेव पर भोपाली मेला शुरू हुआ,शिवरात्रि पर यहां उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब

आमला. छोटामहादेव में महाशिवरात्रि पर लगने वाला मेला रविवार से शुरू हो गया। भोपाली का छोटा महादेव नामक पवित्र पावन तीर्थ स्थल जो कि आमला से ग्राम कन्नड़गांव मोवाड़ पचामा भुमका भूमकी तारा गाटी होते हुए 14 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस स्थान पर पहुंचने के लिए देनवा नदी के दर्शन करते हुए पहुंचना पड़ता है। छोटा महादेव तीर्थ स्थल के बारे में बताया जाता है की यहां पर भस्मासुर नामक राक्षस के भय से भगवान भोलेनाथ सतपुड़ा की पावन गुफा में थोड़ी देर रुके थे। ऐसी धार्मिक मान्यता है। भगवान शिव की गुफा में शिवलिंग स्थित है। जिसकी पूजा अर्चना से मनोकामना पूरी होती है। इसी स्थान से जल का एक स्रोत भी निकलता है जिस के पावन जल के सेवन व सिंचन से रोग दोष नष्ट होते हैं। छोटा महादेव भोपाली में शिवरात्रि में मध्यप्रदेश में महाराष्ट्र से हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। भगवान शिव के दर्शन पूजन के लिए सभी धर्म प्रेमी बंधु पहुंचते हैं व पुण्य लाभ अर्जित करते हैं। यहां का दृश्य बहुत ही सुहावना है सुंदर रमणीय पहाडिय़ों में तथा भगवान भोलेनाथ भोले शंकर का यह पावन जागृति स्थल यहां पर बार-बार आने को का मन करता है। इस पावन स्थल पर सतह से 1500 फिट की ऊंचाई पर एक कुआं है जिसमें शिव की जटाए है। इसके दर्शन भी श्रद्धालु करते हैं। भोपाली के छोटे महादेव की आकृति शेषनाग की फनी जैसी दिखाई देती है। यहां पर श्रद्धालु आकर पूजन अर्चन करते हैं
छोटा महादेव भोपाली में जाने वाले श्रद्धालु हर हर महादेव,जय भोले, जय सेवा करते हुए भगवान भोले के दरबार में जाते हैं। भोले बाबा के दरबार का पावन जल का बड़ा महत्व है। यहां की व्यवस्था समिति व पुलिस प्रशासन के द्वारा की जाती है। वह समय-समय पर श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन भी दिया जाता है। जिससे कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कर सके व सानंद घर लौट सके।

यहां पर कुछ श्रद्धालुओं द्वारा प्रसाद भोजन भंडारे की भी व्यवस्था की जाती है। शिवरात्रि में परिजन नर नारी पैदल ही यात्रा करते हैं। पैदल यात्रा का भी बड़ा महत्व बताया गया है यहां पर ध्वज त्रिशूल भी चढ़ाया जाता है। इस पावन स्थल पर यज्ञ पूजन, भजन,रामसत्ता रामायण भागवत कथाओं का भी आयोजन किया जाता है।

शिवरात्रि के पावन मेले में हजारों लाखों की संख्या में भक्तजन इस पावन धाम में आते हैं और अपनी मनोकामना पूरी करते हैं इसे मनोकामना सिद्ध स्थल भी कहा जाता है।

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