*हरित महाकुम्भ अभियान द्वारा थैला थाली प्रयागराज भेजे गए*
(पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ समाज ने किया सहयोग )
अद्भुत व अलौकिक दिव्य और भव्य महाकुम्भ तीर्थराज प्रयाग में 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक होगा । 45 दिनों के इस महाआयोजन में 45 करोड़ से ज्यादा साधु , संत ,सन्यासी, व गृहस्थ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है ।संघ 2025 में अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन की विषयों पर कार्य कर रहा है जिसमें स्वदेशी व पर्यावरण मुख्य विषय है ।इन्हीं विषयों को ध्यान में रखकर संघ जनवरी 2025 में प्रयागराज में होने वाले सनातन ,आस्था, अध्यात्म तथा संस्कृति के महाकुम्भ को कचरा मुक्त बनाने हेतु , देश भर में *एक थैला एक थाली अभियान* चलाकर कुंभ को हरित महाकुम्भ बनाने का अभियान चला रहा है ।तीर्थ यात्रियों द्वारा भोजन आदि में उपयोगी वस्तुओं के कारण डिस्पोजल , पॉलिथीन का 40 हजार टन कचरा उत्सर्जित होगा जो पर्यावरण की दृष्टि से चिंता का विषय होगा ।
त्रिवेणी संगम को स्वच्छ व निर्मल बनाए रखने के लिए संघ की पर्यावरण संरक्षण गतिविधि द्वारा हरित महाकुंभ बनाने की संकल्पना है । पॉलिथीन मुक्त कुम्भ ,पर्यावरण अनुकूल कुम्भ , स्वच्छ कुम्भ , संस्कृति में प्रकृति , प्रकृति से प्रगति का शुभ संदेश देता कुम्भ , घर-घर कुम्भ इस हरित महाकुम्भ में एक थैला एक थाली समाज से संग्रह कर प्रयागराज भेजी जा रही है । एकत्रित थैला थाली महाकुम्भ में अखाड़ों और आश्रमों में चलने वाले भंडारों , साधु-संतों एवं श्रद्धालुओं में वितरित की जाएगी । संघ के दृष्टिकोण से मुलताई जिला के सभी खण्डों आमला ,आठनेर , प्रभात पट्टन , साईखेडा-मासोद . सारणी से लगभग तीन हजार थैला थाली प्रयागराज महाकुम्भ में भेजी जा रही हैं । थैला थाली का विधिवत पूजन के पश्चात महाकुम्भ के लिए वाहन रवाना हुआ ।एक थैला एक थाली अभियान में समाज ने उदारता पूर्वक थैला थाली भेंट किए । कार्यकर्ताओं की टोली सतत् थाली और थैली का संग्रह करने में जुटी थी ।







