नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ में होंगे गुरु दीक्षा तथा विविध संस्कार
सारणी स्थानीय गायत्री प्रज्ञा पीठ में वार्षिक उत्सव के शुभ अवसर पर आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का प्रारंभ देव आवाहन एवं पूजन के साथ हुआ। । महायज्ञ में 14 एवं 15 दिसंबर को गुरु दीक्षा , पुंसवन, नामकरण , अन्नप्राशन, विद्यारंभ, आदर्श विवाह तथा अन्य सभी संस्कार के साथ-साथ शनिवार को दोपहर में नारी जागरण एवं कार्यकर्ता गोष्टी तथा रात्रि में दीप महायज्ञ का आयोजन रखा गया है। गायत्री परिवार ट्रस्ट सारणी के मुख्य प्रबंधक गुलाबराव पांसे ने स्थानीय नागरिकों से कार्यक्रम में
समयदान, साधनदान कर पुण्य लाभ उठाने का अनुरोध किया है। वहीं यज्ञ संचालन हेतु पधारी टोली के प्रमुख अविनाश जी ने बताया कि 84 लाख योनियों में मानव योनि पाना अत्यंत दुर्लभ तथा सौभाग्य की बात है तथा समर्थ गुरु का और अध्यात्म का अवलंबन मिल जाना उससे भी बड़े सौभाग्य की बात है। धरती के अन्य किसी प्राणी को मनुष्यों के जैसी सुविधा प्राप्त नहीं है अतः ऐसे सुअवसर का पूरा-पूरा लाभ उठाकर ऐसा उपयोगी जीवन जीना चाहिए जो मानव समाज के लिए उदाहरण देने लायक बन सके उन्होंने कहा कि “अहंकार” की कार से उतरकर विनम्रता रूपी कार पर जीवन क्रम चलाना चाहिए और अपने संपर्क में आने वाले सभी लोगों से मधुरता और समता का व्यवहार करना चाहिए।







