आबादी भूमि की हो रही धड़ाधड़ बिक्री के बीच नगर परिषद घोड़ाडोंगरी क्षेत्र में लोगों के बीच सबसे बड़ा चर्चा का विषय यह है कि क्या आबादी भूमि की जितनी भी रजिस्ट्री हुई है क्या सभी निरस्त होगी।
इस मामले को इसलिए भी ज्यादा बल मिला है कि बैतूल जिले में ही कुछ वर्षों पहले एक आदिवासी व्यक्ति की भूमि जिले के एक प्रतिष्ठित व्यापारी ने रजिस्ट्री करा ली थी। शासन के हस्तक्षेप के बाद यह रजिस्ट्री निरस्त हुई और शासन ने उसे आदिवासी व्यक्ति को जमीन पर वापस कब्जा दिलवाया । अब जब घोड़ाडोंगरी तहसीलदार ने नामांतरण के कई मामलों को यह लिखकर निरस्त कर दिए की आबादी भूमि शासकीय भूमि की श्रेणी में आती है और इसका अंतरण नहीं हो सकता।
ऐसी स्थिति में लोगों के बीच सबसे बड़ा चर्चा का विषय यही है कि क्या आबादी भूमि की जितनी भी रजिस्ट्री हुई है सभी निरस्त होगी ❓
Comments are closed.