गंगराड़े परिवार ने महिला संगीत की जगह खाटू श्याम के भजनों से मनाया उत्सव, सामाजिक बदलाव की मिसाल बनी शादी

 

खंडवा — आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और फुल्लड़बाजी का महत्व बढ़ता जा रहा है, वहीं खंडवा के गंगराड़े (अर्दला) परिवार ने एक अनूठी पहल की है। उन्होंने अपनी बेटे प्रणव गंगराड़े की शादी में महिला संगीत की जगह खाटू श्याम जी के भजनों का आयोजन किया। यह पहल सामाजिक बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है।

गंगराड़े मांगलिक भवन में आयोजित इस अनोखे कार्यक्रम में भजन गायक शिवम रावल ने अपनी मधुर आवाज में खाटू श्याम जी के भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के साथ ही श्याम भक्तों ने नृत्य भी किया। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।

गंगराड़े परिवार के इस फैसले की सभी ने सराहना की। लोगों का कहना है कि यह सामाजिक बदलाव की एक अच्छी पहल है। महिला संगीत में अक्सर अश्लील गानो और डांस होते हैं, जो कि गलत है। गंगराड़े परिवार ने इस गलत परंपरा को तोड़कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है।

इस कार्यक्रम में शामिल हुए श्याम भक्तों ने भी खुशी जताई। उनका कहना है कि उन्हें खाटू श्याम जी के भजनों के बीच शादी का उत्सव मनाने में बहुत अच्छा लगा।

गंगराड़े परिवार और दूल्हे के पिताजी केदारनाथ गंगराड़े का कहना है कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि वे चाहते थे कि उनके बेटे की शादी एक सादा और संस्कारी तरीके से हो। उनका मानना है कि शादी में भक्ति और ईश्वर का स्मरण होना चाहिए, न कि दिखावा ओर फुल्लड़बाजी नृत्य जिसका कोई ओचित्य नही होता है ।

गंगराड़े परिवार की इस पहल को सोशल मीडिया पर भी खूब सराहा जा रहा है। लोग इस परिवार के साहस और सामाजिक परिवर्तन लाने की इच्छाशक्ति की सराहना कर रहे हैं।

गंगराड़े परिवार द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित रूप से सामाजिक बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल है। यह हमें सिखाता है कि हमें अंधविश्वासों और गलत परंपराओं को छोड़कर, सादा और संस्कारी जीवन जीना चाहिए।