बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास,चोपना क्षेत्र का मामला

 

अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ मारपीट कर बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास एवं कुल 3500रू के जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय विषेष न्यायालय, (एससी/एसटी एक्ट) 1989 बैतूल (म.प्र.), ने अनुसूचित जनजाति की महिला के साथ मारपीट कर बलात्कार करने वाले आरोपी कृष्णादास पिता चितरंजनदास, उम्र-40 वर्ष, निवासी-थाना चोपना, जिला-बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 376(1)

भादवि सहपठित धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना, धारा 323 भादवि सहपठित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500रू. जुर्माना तथा धारा 3(1)(ब)(प) एवं (पप) एससी/एसटी एक्ट में 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 500-500रू. जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से विषेष लोक अभियोजक (एससी/एसटी एक्ट) श्री शषिकांत नागले द्वारा पैरवी की गई।

घटना का संक्षिप्त विवरण यह कि दिनांक 12-10-2019 को पीड़िता ने थाना चोपना में इस आषय की रिपोर्ट दर्ज करायी कि वह दिनांक 11-10-2019 को सुबह करीब 10ः00 बजे अपने मायके जाने के लिए घर से निकली थी, बस छूट जाने के कारण वह नांदिया घाट के टेक पर खड़ी थी,

तभी वहां आरोपी कृष्णादास जो होटल चलाता है, मोटरसायकल से आया और पीड़िता से बोला कि तुझे कहां जाना है, चल मैं तुझे छोड़ देता हूं। पीड़िता आरोपी कृष्णादास को पहले से जानती थी, क्योंकि वह उसके होटल में अक्सर साप्ताहिक बाजार वाले दिन जाती थी एवं आरोपी भी उसे जानता था। आरोपी से पुरानी जान-पहचान होने के कारण पीड़िता उसकी मोटरसायकल में बैठ गयी। इसके पश्चात आरोपी उसे मोटरसायकल में बैठाकर चोपना की तरफ ले जाने लगा। रास्ते में आरोपी ने उसकी मोटरसायकल रोड से उतारकर जंगल की तरफ ले जाने लगा, तब पीड़िता ने उससे बोला की तुने रास्ता क्यों बदला, किंतु आरोपी कुछ नहीं बोला और मोटरसायकल को तेज रफ्तार से चलाने लगा।

पीड़िता चिल्लायी परंतु वहां आसपास में कोई नहीं था। उसके बाद आरोपी पीड़िता को जंगल में एक नाले के पास ले गया और उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया, पीड़िता के द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट भी की, जिससे पीड़िता को दांहिने कान के पास मुंदी चोट एवं दांहिने पैर पर खरोच आयी थी, इसी बीच थोड़ी देर बाद रेत वाले कुछ मजदूरों को आता देखकर आरोपी कृष्णा वहां से भाग गया, इसके पश्चात पीड़िता भी भागते हुए रोड पर आयी और किसी परिचित के साथ उसके घर पहुंची। पीड़िता के द्वारा उसके परिजनों को घटना के संबंध में बताया। फरियादी की षिकायत पर थाना चोपना द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गयी,

विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया था, आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पीड़िता की अनुसूचित जनजाति का होने के संबंध में दस्तावेज प्राप्त कर प्रकरण में संलग्न किये गये। पुलिस थाना चोपना द्वारा आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय विषेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

 

 

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