माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ छेडछाड़ करने वाले एवं उसे जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी देवेन्द्र उर्फ दिब्बी पिता मनोज ठाकुर, उम्र-21 वर्ष, निवासी-बैतूल, जिला-बैतूल को धारा 7/8 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 354 भादवि के अपराध में दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2,000रू. का जुर्माना एवं धारा 506(भाग-दो) भादवि में 02 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2,000रू. के जुर्माना से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी अमित राय (एडीपीओ) ने बताया कि पीड़ित 12 वर्षीय बालिका ने दिनांक 18-01-2021 को पुलिस थाना गंज में उपस्थित होकर इस आषय की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करवायी की वह कक्षा 6वीं में पढ़ती है। दिनांक 11-01-2021 को शाम 07ः30 बजे वह किराना दुकान से बेसन खरीदकर वापस घर लौट रही थी, तभी रास्ते में आरोपी देवेन्द्र उर्फ दिब्बी ठाकुर आया और बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर उसके साथ छेड़छाड करने लगा, वह
चिल्लायी तो आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और उसे बोला की चिल्ला मत नहीं तो जान से खतम कर दूंगा। आरोपी ने पीड़िता को यह धमकी भी दिया कि अपने भाई एवं मम्मी को समझा लेना बहुत होषियार बन रहे है, इसके बाद आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और पीड़िता की मम्मी से लड़ाई झगडा करने लगा। पीड़िता की षिकायत पर आरोपी के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गयी। प्रकरण की विवेचक उपनिरीक्षक जागृति साहू ने आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
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