माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैंसदेही, जिला-बैतूल ने वृद्ध व्यक्ति जगर की हत्या करने वाले आरोपी दीवानजी आहके पिता सायबू आहके, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम वडाली, थाना आठनेर, जिला बैतूल को धारा 302 भा.द. वि. में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है। इस प्रकरण में म.प्र. राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, भैंसदेही, जिला-बैतूल श्री मनवीर सिंह ठेनुआ द्वारा किया गया है ।
अभियोजन का मामला
अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 10/09/18 को मृतक के पुत्र संपत ने इस आशय की देहाती नालसी लेख करायी कि दिनांक 10/09/18 को उसके पिता जगर खेत पर काम करने के लिए गए थे। उसका लड़का सतीष भी खेत पर काम करने गया था । उसके लड़के सतीष ने उसे घर आकर बताया कि गांव के दीवानजी ने दादा जगर के साथ माँ बहन की गन्दी गन्दी गालियाँ देकर लाठी से मारपीट की है। सतीष की सूचना पर वह खेत पर गया और देखा कि उसके पिता जी को दाहिने तरफ कान के पास चोट आकर खून निकल रहा था और वे बोल नहीं पा रहे थे। उसने दीवान जी से पूछा कि
पिताजी के साथ मारपीट क्यों किया तो दीवान जी कहने लगा, तुमसे बने जो कर लेना, अभी तो कम मारा है और मारने की धमकी देने लगा | सम्पत की सूचना के आधार पर अभियुक्त दीवानजी के विरुद्ध अपराध अंतर्गत धारा 294,323,506 भा. द. वि पंजीवद्ध कर विवेचना की गयी। आहत जगर की इलाज के दौरान दिनांक 10/09/18 को मृत्यु हो जाने से प्रकरण में धारा 302 भा. द. वि.का इजाफा किया गया | प्रकरण की विवेचना के दौरान एकत्र साक्ष्य से यह पाया गया कि अभियुक्त दीवानजी को यह शंका थी कि मृतक जगर उस पर जादू टोना करता है जिससे वह बीमार रहता है। इसी बात पर नाराज होकर दीवानजी ने दिनांक 10/09/18 को मृतक जगर के साथ लाठी से मारपीट की, जिससे जगर को सिर, कान और नाक में गंभीर चोट आई तथा इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गयी । थाना आठनेर पुलिस पुलिस द्वारा प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
प्रकरण का विचारण माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैंसदेही, जिला-बैतूल द्वारा किया गया और प्रकरण में म.प्र. राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन करते हुए सहायक जिला
अभियोजन अधिकारी, भैंसदेही, जिला बैतूल श्री मनवीर सिंह ठेनुआ ने माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित किया और अपने तर्क प्रस्तुत किये गए । अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित मानकर अभियुक्त दीवानजी आहके पिता सायबू आहके, उम्र 35 वर्ष, निवासी वडाली, थाना आठनेर, जिला बैतूल को धारा-302 भा.द.वि. में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है।
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