होशंगाबाद में पुलिया के नीचे मिली दीपक बामने की लाश !!! पिता, सौतेली बहन और उसके प्रेमी ने दीपक को उतार दिया मौत की घाट
घोड़ाडोंगरी में सराफा बाजार से अपहरण के बाद आखिर दीपक बामने को मौत के घाट उतार दिया गया। इस कृत्य को दीपक के पिता अनिल बामने ने बेटी और उसके प्रेमी के साथ मिलकर अंजाम दिया। घोड़ाडोंगरी पुलिस ने दीपक की लाश होशंगाबाद में एक पुलिया के नीचे से बरामद कर ली है। फिलहाल मामले में पूछताछ की जा रही है।
दादी ने घड़ी से की थी दीपक की पहचान
मंगलवार रात 12:30 पर दीपका को कॉल करके घर बुलाया गया था। दादी को अभी आता हूं कहकर घर से निकले दीपका का करीब दस मिनट बाद 500 मीटर की दूरी पर मारपीटकर काली कार से अपहरण कर लिया गया था।मौके से मिली घड़ी के आधार पर दीपक की दादी सरस्वती बामने ने पहचान की थी।
करीब 4 बजे मिला शव
शुक्रवार शाम करीब 4 बजे दीपक का शव पुलिस को होशंगाबाद में एक पुलिया के नीचे मिला। जानकारी के अनुसार पुलिस ने दीपक की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद संदेह का आधार पर सौतेली मां को पूछताछ के लिए थाने लाया था।जिसके बाद दीपक के पिता अनिल से भी पूछताछ की गई। पुलिस की सख्ती के सामने पिता ने बेटे की हत्या बेटी और उसके पुरुष मित्र के साथ मिलकर करना स्वीकार कर लिया है।
दादा ने संपत्ति से बेदखल कर पोते को बनाया वारिस इसकी थी नाराजी
दीपक अपनी दादी के साथ घोड़ाडोंगरी में रहता है। जबकि उसका छोटा भाई प्रकाश होशंगाबाद में प्राईवेट जॉब करता है। दोनों भाईयों के अलावा दीपक के दो भाई बहन और है। दीपक के पिता अनिल बामने ने दूसरी शादी की है। दूसरी पत्नी से उनकी दो संतान एक बेटा और बेटी है। अनिल अपनी दूसरी पत्नी और बच्चों के साथ शोभापुर पाथाखेड़ा में निवास करते है और पेशे से ट्रक चालक है। एक वर्ष पहले जब दीपक के दादाजी का निधन हुआ तो पूरा परिवार घोड़ाडोंगरी में जुटा था। दादा ने अनिल को अपनी संपत्ति से बेदखल कर पोते दीपक के नाम पूरी संपत्ति कर दी थी जिसकी नाराजगी अनिल और उसकी दूसरी पत्नी के साथ सौतेले भाई और बहन को थी। पहले भी दीपक को कई बार भाई बहन ने जान से मारने की धमकी दी थी। आखिर संपत्ति का विवाद दीपक की जान का दुश्मन बन गया।
इनका कहना है
घोड़ाडोंगरी से। अपहृत दीपक बामने का शव मिला है। सम्पत्ति के विवाद में दीपक के पिता ने सौतेली बहन और उसके एक दोस्त के साथ मिलकर दीपक की हत्या की जानकारी मिली है। पुलिस आगे कारवाई कर रही है।
सिद्धार्थ चौधरी, एसपी, बैतूल







