बालिका के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास

 

माननीय अनन्य विषेष न्यायाधीष, (पाॅक्सो एक्ट) ने थाना सारणी क्षेत्र के अंतर्गत अनुसुचित जनजाति की 16 वर्षीय अवयस्क बालिका के साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी सुनील यादव पिता षिवदयाल यादव, उम्र-25 वर्ष निवासी थाना सारणी, जिला बैतूल को धारा 3(2)(अ) एस.सी./एस.टी.एक्ट (समाहित धारा 3 (2)(अं) 3(1)(ब)(प)(पप) एस.सी.एस.टी. एक्ट के अपराध का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5,000रू. के अर्थदण्ड एवं धारा 5(एल)/6, पाॅक्सो एक्ट समाविष्ट धारा 376(2)(एन) भा.द.वि, के अपराध का दोषी पाते हुए

20 वर्ष के कठोर कारावास एवं 5,000रू. के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी श्री अभय सिंह ठाकुर के द्वारा पैरवी की गयी।
घटना का संक्षिप्त विवरण यह है कि पीड़िता द्वारा दिनांक 18.03.2020 को थाना सारणी में इस आषय की प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके गांव में सुनील यादव नाम का लड़का रहता है। लगभग 01 साल पूर्व जब उसके स्कूल की कक्षा 08 वी की परीक्षा खत्म हो गयी थी और

वह अपनी गाय चराने के लिए जंगल जाती थी। उस वर्ष अपै्रल महीने में एक दिन उसे सुनील यादव जंगल में मिला और उसे बोला क्या कर रही है। तब पीड़िता ने उसे गाय चराने के लिए आने का कहा। पीड़िता जंगल में अकेली थी, उसे अकेला पाकर आरोपी सुनील यादव ने उसके साथ गलत काम बलात्कार किया। इसके बाद आरोपी ने उसे डराया धमकाया कि यह बात किसी को बताई तो वह उससे षादी नही करेगा। उसके बाद आरोपी ने षादी करने का बोलकर

पीड़िता के साथ कई बार गलत काम बलात्कार किया किंतु बाद में आरोपी ने पीड़िता के साथ षादी करने से इंकार कर दिया। विवेचना के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया तथा आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस थाना सारणी द्वारा आवष्यक अनुसंधान उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र तैयार कर माननीय अनन्य विषेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण में अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए दंडित किया गया।