श्रद्धालुओं ने लिया प्रसादी का लाभ भीमाशंकर की कथा से हुआ कथा का समापन कथा में पहुंचे श्रद्धालु

 

झल्लार :- सात दिवसीय से शिव महापुराण कथा का कथा का समापन गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर भीमाशंकर की कथा के साथ समापन हुआ
भीमाशंकर की कथा 12 ज्योतिर्लिंग मैं से एक ज्योतिर्लिंग है पंडित प्रमोद शुक्ला जी द्वारा बताया गया कि भीमाशंकर नाम के ज्योतिर्लिंग भारत देश में दो जगह पाए जाते हैं भीमाशंकर असम में भीमाशंकर के नाम से ज्योतिर्लिंग है और एक नासिक महाराष्ट्र में ज्योतिर्लिंग है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग भीमाशंकर की कथा बताया गया

कुंभकरण की पत्नी का नाम करकटी था करकटी से एक पुत्र प्राप्त हुआ था जिसका नाम भीमां था भीमां के द्वारा अथक प्रयास और घोर तपस्या कर भगवान ब्रह्मा जी को प्राप्त कर वरदान से भगवान भोलेनाथ खुश होते हैं और भगवान भोलेनाथ के हाथ उसका उद्धार होता है और भगवान भोलेनाथ के उधर होने से उसी जगह पर असम में भगवान भीमाशंकर के नाम से स्थापित हो जाते हैं
उसे ही भीमाशंकर के नाम से जाना जाता है इस कथा के साथ आज सप्तम दिवस की शिव महापुराण कथा का कथा में ग्राम झल्लार की पावन धरा पर लगातार दूसरे वर्ष शिव महापुराण कथा का समापन हजारों श्रद्धालुओं के बीच भोजन प्रसादी के साथ संपन्न हुआ

इसी बीच वकील संजय शुक्ला ,मनीष मिसर, सुनील पलेरिया, हीरामन सूर्यवंशी, कुणाल शर्मा, विजेंद्र गोले, कथा के अंतिम दिन पहुंच कर पंडित प्रमोद शुक्ला जी से आशीर्वाद और प्रसादी ग्रहण करा।

कथा के अंतिम दिन पंडित प्रमोद शुक्ला जी द्वारा धोनी वाले दादाजी की का गुणगान और व्याख्यान करते हुए बताया गया कि नर्मदा की महिमा नर्मदा क्या नदी है क्या है उसे विषय पर और दादाजी धूनीवाले के द्वारा ही नर्मदा की महिमा का गुणगान किया गया है और जिसे आप धोनी वाले दादाजी कहते हैं वही भोलेनाथ और शिव शंकर के अवतार हैं इस कथा का भी गुनगान इसी दौरान किया गया

श्री राम सेवा समिति द्वारा पंडित प्रमोद शुक्ला पंडित शैलेंद्र शुक्ला और वाद्य यंत्र पर विराजमान सभी सम्माननीयों का समिति द्वारा सम्मान किया गया शाल श्रीफल से उनका अभिनंदन किया गया।

कथा के अंतिम दिन भंडारा प्रसादी के कार्यक्रम में संपूर्ण ग्राम के युवा साथी बड़े बुजुर्गों पर बच्चों का बहुत ही सहयोग रहा जिसकी वजह से कथा और विशाल भंडारा सफल हो पाया।

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