घोड़ाडोंगरी – देश का 75 वां गणतंत्र दिवस समारोह में कतिया समाज मंगल भवन के साथ साथ क्षेत्र में भी धूमधाम से मनाया गया। कतिया समाज मंगल भवन कार्यक्रम में कतिया समाज के जिला अध्यक्ष और सदस्यो द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ न्याय कतिया समाज संगठन अध्यक्ष भिखारीलाल भुजवरे, कतिया समाज जिला अध्यक्ष लक्ष्मण भोरसे,कतिया समाज सचिव राजकुमार भोरवंशी , कतिया समाज कोषाध्यक्ष राजेश तेम्रवाल, कतिया समाज जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार बारसे ,पूर्व जिला पंचायत श्यामवती तेम्रवाल, यशोमती भोरवंशी, उपसमिति पांडरा अध्यक्ष नरेश बारसे ,उपसमिति सलैया राजाराम भोरसे, सह कोषाध्यक्ष नितेश
भुजवारे, रामनारायण भोरवंशी, सत्यनारायण तेम्रवाल, राजेश भोरसे,दीपक नागवंशी आदि कतिया समाज सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम स्थल कतिया समाजिक सदस्यो द्वारा वृक्षारोपण भी किया गया और संकल्प लिया गया। वरिष्ठ न्याय कतिया समाज जिला अध्यक्ष भिखारीलाल भुजवरे ने कहा कि पर्यावरण को प्रदूषण से रोकना है तो पेड़ पौधे लगाना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जहां एक ओर पेड़ पौधे हमें फल और छाया देते हैं, वहीं पेड़ पौधों से हमें विभिन्न प्रकार की औषधियां मिलती
हैं। चाहे कोई भी दवा हो, कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से वनस्पतियों से जुड़ी हुई होती है। कतिया समाज जिला अध्यक्ष लक्ष्मण भोरसे ने बताया कि इन आपदाओं को कम करने के लिए वृक्षारोपण जरूरी है। पर्यावरण को बचाने के लिए हर नागरिक को एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए ताकि पृथ्वी पर प्राकृतिक संतुलन बना रहे।जिला कतिया समाज सचिव राजकुमार भोरवंशी ने कहा कि यहां की प्राकृतिक वातावरण काफी शुद्ध व स्वच्छ है।
इस प्राकृतिक वातावरण को बचाए रखने के लिए वृक्षारोपण अवश्य करना चाहिए। अगर समय रहते ही प्राकृतिक को नहीं बचाया गया तो आने वाले दिनों में पृथ्वी पर निवास करने वालो को जल एवं वायु संकट से जूझना पड़ेगा अत: प्राकृतिक को बचाने के लिए आम लोगों को प्राकृतिक की रक्षा करने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए। सन्तुलाल भोरवंशी द्वारा अपने पिताजी स्व शंकरलाल भोरवंशी जी स्मृति में 10 कुर्सी कतिया समाज को भेंट कि। वहीं मुसरूलाल नागवंशी जी अपनी पत्नी स्व. संती जी की स्मृति में समाज को 10 कुर्सी भेंट कि और राजेश तेम्रवाल ने अपने नाना जी स्व औझा नागवंशी एवं नानी जी स्व रामपूरी नागवंशी की स्मृति में समाज को 20 कुर्सीया भेंट कि है इसके लिए जिला कतिया समाज ने दानदाताओं का आभार व्यक्त किया है।
Comments are closed.