माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैंसदेही, जिला-बैतूल ने वृद्ध व्यक्ति भैयजू की हत्या करने वाले आरोपी रामप्रसाद पिता छत्तू, उम 28 वर्ष, निवासी मोरुढाना, थाना आठनेर, जिला बैतूल को धारा 302 भा.द.वि. में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है। इस प्रकरण में म.प्र. राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, भैंसदेही, जिला-बैतूल श्री मनवीर सिंह ठेनुआ द्वारा किया गया है। उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा इस प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण के रूप में चिन्हित किया गया था
अभियोजन का मामला
अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि दिनांक 14/10/18 को भैयजू की लाश टोपीढाना रोड के किनारे गांव के भरत उड़के के खेत के पास पायी गई थी। घटना स्थल पर पुलिस के पहुचने पर मृतक भैयजू के पुत्र हेमराज ने पुलिस को बताया कि उसके भाई अनिल ने फोन कर उसे सुचना दी थी कि उनके पिता भैयजू टोपीढाना रोड के किनारे गांव के भरत उइके के खेत के पास मृत अवस्था में पड़े है। वह सूचना मिलने के बाद घटना स्थल पर पंहुचा और देखा कि उसके पिता भैयजू के गले, होंठ, दाड़ी व सिर में पीछे बाये ओर चोट के निशान थे। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके साथ मारपीट कर उनकी हत्या कर दी थी। हेमराज की सूचना के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध अपराध पंजीवद्ध कर मामले की विवेचना की गयी ।
विवेचना के दौरान साक्षियों से पूछताछ करने पर यह पाया गया कि अभियुक्त रामप्रसाद और मृतक भैयजू का जमीन का विवाद था। उसी वर्ष पोला के समय भैयजू ने अभियुक्त रामप्रसाद से कहा था कि वह उसके लडके धनराज को शराब पिलाकर बिगाड़ रहा है। इस पर दोनों के मध्य विवाद हुआ था तब रामप्रसाद ने वक्त आने पर उसे बता देने की धमकी दी थी ।
पुलिस को साक्षी भाउराव ने बताया कि दिनांक 13/10/18 की रात्री करीब 10 बजे उसने मृतक भैयजू की चिल्लाने की आवाज सुनी थी। मृतक चिल्ला रहा था कि मत मार रे साले, मत मार | मृतक भैयजू अभियुक्त रामप्रसाद को साला कहता था ।
पुलिस ने अभियुक्त रामप्रसाद से पूछताछ की तो उसने अपराध करना स्वीकार किया और पुलिस को घटना में प्रयुक्त लकड़ी और घटना के समय पहने हुए अपने खून लगे कपडे जब्त कराये | पुलिस ने मृतक के कपड़ो और अभियुक्त के कपड़ो का डी.एन.ए. परीक्षण कराया ।
डी.एन.ए. रेपर्ट में अभियुक्त से जब्त कपड़ो पर मृतक का रक्त पाया गया । प्रकरण की विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
प्रकरण का विचारण माननीय अपर सत्र न्यायालय, भैंसदेही, जिला-बैतूल द्वारा किया गया और प्रकरण में म.प्र.राज्य की ओर से अभियोजन का संचालन करते हुए सहायक जिला अभियोजन अधिकारी, भैंसदेही, जिला बैतूल श्री मनवीर सिंह ठेनुआ ने माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित किया और अपने तर्क प्रस्तुत किये गए । अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए माननीय न्यायालय ने अभियोजन मामले को संदेह से परे प्रमाणित मानकर अभियुक्त रामप्रसाद पिता छत्तू, उम्र 28 वर्ष, निवासी मोरुढाना, थाना आठनेर, जिला बैतूल को धारा-302 भा.द. वि. में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है।
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