माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल ने झोपड़ी में अवैध सागौन बल्लियां रखने वाले आरोपी प्रषांत पिता श्यामु भलावी, उम्र-26 वर्ष निवासी ग्राम- चिखलार थाना कोतवाली, जिला बैतूल को धारा 33(1)(क) भारतीय वन अधिनियम 1927 के अपराध में दोषी पाते हुये 6 माह के सश्रम कारावास एवं 2000/- रू के जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से ए.डी.पी.ओ. अजीत सिंह के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी में सहा0ग्रेड-03 शषीकांत सोनारे द्वारा विषेष सहयोग प्रदान किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 10.01.2017 को वन परिक्षेत्र बैतूल कोे मुखबिर सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम चिखलार की एक झोपड़ी सागौन बल्लियां छिपाकर रखी है। उक्त सूचना पर वनपरिक्षेत्र बैतूल द्वारा दल गठित कर सूचना के आधार पर ग्राम चिखलार प्रषांत भलावी के खेत पर बनी झोपड़ी पर पहुंचे। प्रषांत की झोपड़ी की
तलाषी ली गई तलाषी के दौरान झोपड़ी में कुल 27 सागौन बल्लियां बरामद हुई थी। सागौन बल्लियां रखने के संबंध में प्रषांत से बिल/वैध दस्तावेज मांगे गये किंतु उसने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नही किये। मौके पर ही बल्लियों को नाप-जोप कर जप्त किया गया। प्रषांत के विरूद्ध वन अपराध 41/07 दर्ज कर पी.ओ.आर. जारी किया गया। मौके की कार्यवाही का
मौका पंचनामा तैयार किया गया। आवष्यक विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध परिवाद पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की समस्त कार्यवाही वन परिक्षेत्र अधिकारी बैतूल के निर्देषन में वनरक्षक योगेष चौधरी द्वारा की गई थी। विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी प्रषांत कोे उक्त दंड से दंडित किया।
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