भैंसदेही। आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के हसदेव अरण्य की कटाई के विरोध में महामहिम राष्ट्रपति के नाम अनुविभागीय अधिकारी भैंसदेही को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा संभाग के हसदेव अरण्य में कोयला खनन के लिए हजारों एकड़ भूमि एवं जंगल की कटाई की जा रही है,जिसमें अब तक 50000 पेड़ कट चुके है।
यह जंगल 170.000 हेक्टीयर में फैला है जिसमें आदिवासियो समुदायों का घर एंव गोंड जाति निवासरत है। वहा के रहने वाले लोग इसका जमकर विरोध कर रहे है,इस क्षेत्र में खनन के वजह से इंसानों और जानवरों के बिच संघर्ष शुरू हो गया है।
आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम ने कहा कि केंद्र एवं छत्तीसगढ़ की बीजेपी सरकार हसदेव जंगल की कटाई कराकर चंद पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए निर्दोष आदिवासियों एवं जंगल में रहने वाले वन्यप्राणी के साथ अन्याय कर रही हैं।
हम महामहिम राष्ट्रपति जी से मांग करते है कि यथाशीघ्र
हसदेव जंगल की कटाई
पर रोक लगाते हुए मानव जीवन की रक्षा करें एवं आदिवासियों की अस्मिता को बचाने में योगदान दे।
ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रूप से वरिष्ठ कांग्रेसी श्याम तिवारी,आदिवासी कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गजानन आठवेकर,कार्यकारी अध्यक्ष मोहन ध्रुवे,रानू ठाकुर,राहुल छत्रपाल,मोहित राठौर,महेश थोटेकर,तुलाराम उईके,नरेश मोहरे,पंजाब आहाके,मंगेश सरयाम,देवेश आठवेकर,बबलू धुर्वे,सोनू सोनारे,संजू वरटी,देलन टेकाम,राहुल उइके,मंगल परते, कैलाश नाकतुरे,कादर शाह, मुन्नालाल,मंदरलाल
धुर्वे,सुखदेव घाणेकर,राजेंद्र महाले,महेन्द्र सिंह चौहान, वामन महाले,अरविंद झरबड़े,दिनेश महाले,दादी येवले,आदित्य लिखितकर, मयुर बारस्कर,निखिल सोनी,आरिफ खान,शोयेब पठान,विवेक बेले,नागेश बांगरे,जगदीश सलामे,अजय आठवेकर,जयराम उईके,सुभाष आठवेकर,फैजान पठान,संदीप कास्दे, संजय पांसे,विशाल इरपाचे, पंकज सलामे,विकास जावरकर,महेश चिल्हाटे, श्याम उईके,दुर्गेश बारस्कर,बबला मेमन सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।
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