13 वर्षीय अनुसूचित जाति की बालिका का व्यपहरण कर शराब पीलाकर उसके साथ बलात्कार करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास (जो आरोपीगण के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए रहेगा) एवं 17,000रू के जुर्माने से दंडित किया गया।
माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 13 वर्षीय अनुसूचित जनजाति वर्ग की नाबालिग बालिका का व्यपहरण कर शराब पीलाकर उसके साथ बलात्कार करने वाले आरोपी शादाब पिता लाल खां, उम्र-23 वर्ष, निवासी-बैतूल जिला बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी एक्ट समाहित धारा 3(1)(ब)(पप) एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास (जो आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए होगा) एवं 5,000रू. के जुर्माना, धारा 5(जी)/6 पॉक्सो एक्ट समाविष्ट धारा 376(डीए) भादवि में आजीवन कारावास (जो आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए होगा) एवं 5,000रू. के जुर्माना तथा धारा 363 भादवि सहपठित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं
1,000रू. जुर्माना तथा आरोपी अजय उर्फ टीटू पिता फूलेसिंह परते, उम्र-25 वर्ष, निवासी-बैतूल, जिला बैतूल (म.प्र.) को धारा 5(जी)/6 पॉक्सो एक्ट समाविष्ट धारा 376(डीए) भादवि में आजीवन कारावास (जो आरोपी के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए होगा) एवं 5,000रू. का जुर्माना, धारा 363 भादवि में 03 वर्ष सश्रम कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण को चिन्हित जघन्य एवं सनसनीखेज सूची में शामिल किया गया था।
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता की बड़ी मम्मी ने दिनांक 04-08-2020 को थाना कोतवाली बैतूल में इस आषय की मौखिक रिपोर्ट दर्ज करायी कि पीड़िता उसके देवर की लड़की है, जो बचपन से ही उसके पास रहकर पढ़ाई कर रही है। दिनांक 03-08-2020 की रात्रि लगभग 11ः30 से 12ः00 बजे के बीच पीड़िता घर में बिना बताये कहीं चली गयी थी, जिसकी काफी तलाष की गयी, परंतु वह नहीं मिली। उसने पीड़िता को किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा पीडिता को बहला-फुसलाकर ले जाने की शंका व्यक्त की थी। फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर से थाना कोतवाली बैतूल में गुमषुदगी दर्ज कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख कर विवेचना की गयी। विवेचना के दौरान दिनांक 05-08-2020 को पीड़िता को दस्तयाब किया गया।
पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, उसके पुलिस कथन लेख किये गये तथा मजिस्टेªट न्यायालय में धारा 164 द.प्र.सं. के कथन लेख कराये गये एवं अन्य साक्षियों के कथन लिये गये। पीड़िता की उम्र व जाति से संबंधित दस्तावेज पुलिस द्वारा अनुसंधान के दौरान प्राप्त किये गये। पीड़िता ने अपने कथन में बताया गया है कि उसे घर वालों ने डांट दिया था, तो वह रात्रि 08ः00-08ः30 बजे रेल्वे ब्रिज सदर के पास चली गयी थी, वहां आरोपीगण शादाब, अजय एवं उनके तीन साथी किषोर बालकगण आये और उसे जबरदस्ती झाड़ियों की ओर ले गये और उसके साथ उक्त सभी आरोपीगण ने बारी-बारी से
बलात्कार किया। प्रकरण में पीड़िता के प्रदर्षों को डीएनए परीक्षण हेतु भेजा गया, डीएनए रिपोर्ट में पीड़िता के प्रदर्षो पर आरोपीगण के डीएनए पाए गये, जिससे यह तथ्य प्रमाणित हो गया कि आरोपीगण के द्वारा पीड़िता के साथ बलात्कार किया गया था। आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।
नोटः- प्रकरण में आरोपीगण के तीन साथी किषोर बालकगण की पहचान उजागर न हो, इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए उनके नामों का उल्लेख नहीं किया गया।

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