मातपिता का आशीर्वाद और सेवा से मिली दुआ देती है जीवन में सफलता – ब्रह्माकुमारीज
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सारनी के पटाखेड़ा क्षेत्र में चल रही श्रीमद् भगवत गीता प्रवचन के छटवे दिन कर्मो की गति का ज्ञान और समय का महत्व समझाते हुए प्रवचन कर्ता ब्रह्माकुमारी नेहा दीदी ने बताया की वर्तमान समय कलयुग का समय चल रहा है। गीता में जो भी कलयुग की निशानी बताई है वह सभी हमें अति में देखने को मिल रही है और सृष्टि के खेल में यह निश्चित है कि जिस चीज की आती होती है उसका अंत सुनिश्चित है। कलयुग भी अपने चरम पर है तो यह निश्चित है कि कलयुग समाप्त हो सतयुग आए और सतयुग में जाने की पात्रता उन मानव आत्माओं को मिलेगी जिन्होंने श्रेष्ठ कर्मों से लोगों की और मात पिता की सेवा करके आशीर्वाद और दुआएं कमाई हो। अपने श्रेष्ठ संस्कारों से श्रेष्ठ संसार बनाने में ईश्वरीय कार्य में सहयोग किया हो।
वर्तमान में मानव किसी और की सेवा तो छोड़िए जन्म देने वाले मात पिता की सेवा करने में भी कतराता है। अगर हम अपनी ही माता-पिता की दुआएं नहीं कमाते तो निश्चित रूप से हमे जीवन में कई समस्याओं और परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। जीवन में आने वाले दुख हमें एहसास दिलाते हैं कि वास्तव में सच्ची कमाई तो आशीर्वाद और दुआओं में है।
*कल 11 जनवरी गुरुवार को होगा समापन*
ब्रह्माकुमारीज सारणी की प्रमुख ब्रह्माकुमारी सुनीता दीदी ने बताया कि कल 11 जनवरी को ज्ञान प्रवचन सप्ताह का आखिरी दिन है जिस दिन प्रवचन की समाप्ति के साथ ही
गुरु दक्षिणा के रूप में लोगों से उनके जीवन के व्यसन, बुराइयां और विकार लिए जाएंगे। समाप्ति के दिन एक अनोखा यज्ञ रचा जाएगा जिसमें लोग अपनी बुराइयों की आहुति देकर के जाएंगे और कोई ना कोई सद्गुण को अपने जीवन में अपने का संकल्प लेंगे। यज्ञ के साथ ही भंडारे की व्यवस्था भी रहेगी जिसमें श्रोतागण प्रवचन के पश्चात भंडारे से प्रसाद प्राप्त कर पाएंगे।
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