शासकीय कन्या महाविद्यालय बैतूल में विकसित भारत 2047 पर चार दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा का प्रारम्भ दिनांक 20/12/2023 को महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. विद्या चौधरी द्वारा किया गया. इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि भारत को सन 2047 तक विकसित करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी को संयुक्त रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है, मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. अकोइज्म रेशमी देवी द्वारा सशक्त भारतीय विषय पर छात्राओं के साथ परिचर्चा की गई, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं खेल के क्षेत्र में हम सशक्त होकर भारत को विकसित बना रहे हैं |
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस 21/12/2023 के अवसर पर श्री विनोद कुमार अड़लक द्वारा संपन्न एवं सुदृढ़ अर्थव्यवस्था विषय पर छात्राओं के साथ परिचर्चा करते हुए कहा कि आज हम विश्व की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था है, हमें विकसित होने के साथ-साथ विश्व की पहली अर्थव्यवस्था होने का लक्ष्य भी प्राप्त करना है. इस हेतु हम सभी को आत्मनिर्भर होकर अर्थव्यवस्था के तीनों क्षेत्रों कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्र में उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ाना है | परिचर्चा को आगे बढ़ाते हुए महाविद्यालय के नैक प्रभारी वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. आशीष गुप्ता द्वारा नवप्रवर्तन एवं विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी विषय पर छात्राओं के साथ परिचर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज हमारे देश में विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनेकों नवप्रवर्तन हो रहे है जो विकसित भारत 2047 को सफल बनाने हेतु अत्यंत
आवश्यक है. हमें अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्र में नवप्रवर्तन की आवश्यकता होगी. परिचर्चा के तृतीय दिवस में 22/12/2023 को सुशासन एवं सुरक्षा विषय पर डॉ. सरिता साहू ने छात्राओं को विस्तृत जानकारी देते हुए छात्राओं से अपने सुझाव देने के लिए प्रेरित किया इसी विषय पर श्रीमती माधुरी पल्ले ने भी छात्राओं के साथ परिचर्चा की |परिचर्चा के समाप्ति दिवस 23/12/2023 के अवसर पर विश्व में भारत विषय पर डॉ. साधना डेहरिया द्वारा छात्राओं के साथ चर्चा की जाएगी | इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापको एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया |
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