नाबालिग युवती के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को आजीवन कारावास : सारणी थाना क्षेत्र का मामला

 

माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 13 वर्षीय अनुसूचित जनजाति नाबालिग युवती का व्यपहरण कर उसके साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी नूर ईस्लाम उर्फ राजा पिता गुड्डू अली, उम्र-24 वर्ष, निवासी-मंडीदीप, थाना मंडीदीप, जिला-रायसेन (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 3(2)(अ) एससी/एसटी समाहित धारा 3(1)(ब)(पप) एससी/एसटी में आजीवन कारावास एवं 5,000रू. जुर्माना, धारा 5(एल),5(जे)(पप)/6 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376(3),376(2)(एन) भादवि में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000रू, धारा 366 भादवि में 05 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000रू. का जुर्माना तथा धारा 363 भादवि सहपठित धारा 3(2)(अं) एससी/एसटी एक्ट में 03 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000रू. के जुर्माना से

दण्डित किया गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी एवं श्रीमती वंदना षिवहरे द्वारा पैरवी की गई।

घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता द्वारा आरक्षी केन्द्र सारणी में इस आषय की गुम इंसान रिपोर्ट लेख करायी कि दिनांक 25-06-2019 को करीब 10ः00 बजे उसकी छोटी लड़की पीड़िता तथा बड़ी लड़की घर में अकेली थी और वह तथा उसकी पत्नी काम करने के लिए गये हुए थे, शाम को घर वापस आये, तब उन्हें उनकी बड़ी लड़की ने बताया कि वह सुबह 10ः00 बजे घर से स्कूल गयी थी, उस समय पीड़िता घर पर थी और जब वह सुबह 11ः00 बजे स्कूल से घर वापस आयी, तो देखा कि उसकी छोटी बहन पीड़िता घर पर नहीं है, उसने सोचा की आस-पड़ोस में गयी होगी आ जायेगी, मगर

पीड़िता वापस घर नहीं आयी। फिर उन्होंने आस-पड़ोस व रिष्तेदारों में पीड़िता की तलाष की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर थाना सारणी द्वारा गुमषुदगी रिपोर्ट दर्ज कर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान दिनांक 11-02-2020 को पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे शादी का कहकर मंडीदीप ले गया और उसके साथ कई बार बलात्कार किया और उसके साथ शादी नहीं की, आरोपी के द्वारा गलत काम करने के कारण गर्भवती होना बताया।

पुलिस द्वारा पीड़िता के कथन लेख किये गये, उसके धारा 164 द.प्र.सं. के कथन लेख कराये गये एवं अन्य साक्षियों के कथन लिये गये, पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें पीड़िता को 02 माह का गर्भवती होना पाया गया, घटना स्थल का नक्षा-मौका बनाया गया, पीड़िता की उम्र एवं जाति से संबंधी आवष्यक दस्तावेज प्राप्त किये गये। प्रकरण में जप्तषुदा सेम्पलों को डीएनए जांच हेतु एफएसएल भेजा गया। आवष्यक अनुसंधान पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष

न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। पीड़िता एवं उसके माता-पिता ने न्यायालय में स्पष्ट रूप से आरोपी द्वारा पीड़िता को मंडीदीप ले जाना और उसके साथ गलत काम (बलात्कार) करना बताया और यह भी बताया कि आरोपी द्वारा गलत काम किये जाने के परिणामस्वरूप पीड़िता गर्भवती हो गयी थी। न्यायालय की अनुमति से पीड़िता का गर्भपात कराया गया था और उसके भ्रुण को प्रिजर्व कर डीएनए परीक्षण हेतु एफएसएल भेजा गया

था, एफएसएल से प्राप्त डीएनए परीक्षण रिपोर्ट का परिणाम भी सकारात्मक प्राप्त हुआ, जिसमें पीड़िता के परीक्षण हेतु भेजे गये स्त्रोत में आरोपी के डीएनए की मौजूदगी पायी गयी थी, जिससे से भी स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो गया कि आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ लैंगिक संभोग किया गया। अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया, जिस पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दोषसिद्ध पाकर दंडित किया गया।

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