इन 17 मृत,64 जीवित किसानों के साथ बैंक खातों में किया फ्राड, सेंट्रल बैंक घोड़ाडोंगरी में आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की जांच में सामने आया बड़ा फ्राड,63 लाख से अधिक की किसानों के साथ धोखाधड़ी
आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो की जांच में सामने आया कि सेन्ट्रल बैंक इंडिया की शाखा घोड़ाडोंगरी सीकेसीसी योजना अतंर्गत जिन कृषकों के खातें में ऋण सीमा वृद्धि की गई थी उनमें से 17 कृषक ऋण सीमा वृद्धि के आवेदन के काफी पूर्व मृत हो चूके थें एवं बैंक शाखा घोड़ाडोंगरी के अनावेदकों द्वारा बिना किसी आवेदन के मृत खाता धारको के नाम पर ऋण सीमा वृद्धि कर ऋण राशि आहरित कर स्वंय निकासी की गई है।
जिनका विवरण निम्नानुसार है। क्रं. नामगांव का नामलोन स्वीकृति दिनांकखाता धारक की मृत्यु दिनांक 4.
1 . श्री हन्नु शुभद्रा ग्राम सड़कवाड़ा 21.11.2020 को लोन स्वीकृत किया। जबकि किसान की सात महीने पहले ही 20.04.2020 को मृत्यु हो चुकी थी
2. श्री नंदरू पिता श्री दसरा ग्राम फूलगोहन का 11.05.2021 को लोन स्वीकृत किया गया। किसान की मौत 12 साल पहले ही हो चुकी थी 01.12.2009
3. श्री चतन पिता श्री जबर सिंह ग्राम घुग्गी चोपना का 06.03.2021मोत हुई19.06.2022
4 जी गोंड जुवाडी 25.06.2021 14.12.2013
5. श्री रामू पिता श्री विष्णु धाड़गांव 15.06.2021 15.01.2022
6. श्री राजाराम रामेशराजारा पिपरी 17.03.2021 18.09.2009
7. श्री भजन सवाई गोली सलैया 21.06.2021 30.05.2018
8. मंगालू सीवनपाट 15.02.2021 30.08.2018
9. श्री लक्ष्मण उईके ग्राम फूलगोहन 14.06.2021 01.11.2020
10. श्री लक्ष्मण यादव माता श्री सीता सीवनपाट07.12.2021 03.12.2018
11. श्री बाजू पिता श्री जहांन्नू 07.09.2021 18.10.2015
12. श्री रामसिंह सुक्क दुधावानी 07.01.202115.03.2014
13. श्री प्रेमलाल मवासें चुईया बाँसपुर 15.07.2021 04.03.2011
14. श्री बच्चू गोंड पिता श्री कोयलारी 07.16.2021 18.10.2015
15. श्री तुलसीराम पिता श्री कन्नूलाल छोरदान07.08.2021 2013
16. श्री सूरतलाल आरसे- जाजलपुर 15.02.2021 12.06.2021 07.16.2021 21.08.2020
17. श्रीमती सूब्बों बाई गोंड
. इस प्रकार कुल 17 खातों में मृत खाता धारक एवं शेष 64 खातों में बिना खाता धारक के आवेदन किये, फर्जी हस्ताक्षर एवं गलत निकासी प्रक्रिया से सीकेसीसी ऋण खातों में 63,79,810/- की अवैध निकासी की गई।
उक्त अवैद्य ऋणराश की निकासी प्रक्रिया में तत्कालीन शाखा प्रबंधक श्री पीयूष सैनी, सहायक प्रबंधक श्री दीपक सोंलकी, प्रधान खजांची, श्री राजेश खासदेव, श्री मनीश चौहान, एसडब्लयूओ की संलिप्तता थी।
शाखा प्रबधंक श्री पीयूष सैनी द्वारा मृत खाता धारक नन्दु दसरा के नगद निकासी में वाउचर का प्रमाणीकरण किया गया एवं एक अन्य खाता चन्द्रसा बातू का था, को भी प्रमाणीकरण किया गया है, जिसमें खाता धारक अगूठे का प्रयोग करता है। जब की उसके फर्जी हस्ताक्षरों का प्रमाणीकरण किया गया है।
इसके अतिरिक्त लगभग समस्त खातों का प्रमाणीकरण श्री दीपक सोलंकी द्वारा किया गया, प्रधान खजांची श्री राजेश खासदेव द्वारा बिना खाता धारकों की पहचान कियें, नगद निकासी प्रदान की एवं एसडब्ल्यूओ श्री मनीश चौहान द्वारा लगभग सभी सीमा वृद्धि का प्रमाणीकरण किया गया।







