निशा बांगरे की टिकट को लेकर पहुंचे अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधी

*मूलचंद मेधोनिया पत्रकार भोपाल*
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भोपाल। जब कांग्रेस की बिना सोचे-समझे और सर्वे के मापदंड को दरकिनार कर ऐसे प्रत्याशी घोषित कर दिए जो कि जीत पाना मुश्किल है। ऐसे समय में जब कांग्रेस अपनी सरकार बनाने के लिए हर दांव लगा रही है।तब पिपरिया विधानसभा क्षेत्र जो कि पूर्व से ही कतिया समाज के प्रत्याशी बनाने की बहुत बड़ी भूल क्यों कर रही है। जबकि यह सीट लगातार तीन बार हार चुकी है वह भी कतिया समाज के प्रत्याशी बना कर। पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद राज्यसभा श्री दिग्विजय सिंह जी से सामाजिक संगठनों के विभिन्न सामाजिक प्रतिनिधियों का दल उनसे मिलने उनके निवास पर गया। जिन्होंने साफ तौर पर कह कर निवेदन किया कि पिपरिया विधानसभा हर बार कांग्रेस पार्टी हार रही है क्योंकि वहां पर अहिरवार समाज, रविदास समाज, चौधरी समाज, जाटव इत्यादि सामाजिक लोगों की बहुत बड़ी आबादी है।जिस समाज के रमेश बामने, कार्यवाहक अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी होशंगाबाद, श्रीमती गीता राठौरिया, तथा हेमंत नरवरिया जो कि कांग्रेस के प्रबल दावेदार है और कांग्रेस की मजबूती के लिए लम्बे समय से प्रयास कर रहे है।इन प्रत्याशी की समाज की ही विधानसभा क्षेत्र में 40 हजार के लगभग वोट बैंक है।

जिन्हें अवसर दिया जाये।इस बार यदि कांग्रेस को पिपरिया विधानसभा जीतना है तो वह समाज के हेमंत नरवरिया को प्रत्याशी बनाए, रमेश बामने भी क्षेत्र के प्रबल दावेदार है लेकिन इनकी अनदेखी करना समाज की अनदेखी करी जा रही है।
उपरोक्त बिषय पर दलित हितैषी श्री दिग्विजय सिंह जी ने कहा कि जबलपुर संभाग से लेकर खंडवा संभाग तक अहिरवार समाज की अनदेखी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मैंने अहिरवार समाज के उपरोक्त क्षेत्रों से नाम अपनी लिस्ट में शामिल किए और दिल्ली तक दिया उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पिपरिया से मैंने हेमन्त नरवरिया का नाम रखा। लेकिन कुछ मानसिक रूप से कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है जो ठीक नहीं की गई है।

विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों में महेश नंदमेहर, मूलचंद मेधोनिया, मीना बाल्मीकि, विजय सुरणकर, जीतन नरवरिया, एडवोकेट उत्तम सोनवने, इत्यादि सामाजिक संगठनों ने आमला विधानसभा क्षेत्र से डिप्टी कलेक्टर पद से इस्तीफा देकर आमला विधानसभा क्षेत्र में और अनुसूचित जाति वर्ग की आवाज उठाने वाली श्रीमती निशा बांगरे को आमला विधानसभा क्षेत्र से शीघ्र कांग्रेस प्रत्याशी बनाने की मांग की गई है।जिसे पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी ने गंभीरता से लेते हुए विचार करने का आश्वासन दिया है। सतगुरु संत रविदास कल्याण फाउंडेशन भारत का एक ऐसा संगठन के वरिष्ठ समाजसेवीयों ने उपरोक्त मांग कांग्रेस हित में की है जिनके तत्वावधान में जून 20230को सामाजिक

संगठनों के 130 संगठनों ने मिलकर कांग्रेस वचन पत्र में विशेष रूप से सुझाव व कांग्रेस जीतने का कार्यक्रम दिया था।वह पूरा-पूरा स्वीकार कर कांग्रेस वचन पत्र में शामिल किया गया है। इसलिए ऐसे संगठनों और प्रत्याशियों को कांग्रेस विधायक पद जीतने हेतु अवसर दिया जाये जिससे कोई भी बगावत चुनाव में न खड़ी हो सकें।