माननीय न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल ने वन्य जीव चीतल को बेचने ले जाते हुये पकड़ाये आरोपी मृत्युंजय पिता खोकन हलधर उम्र-31 वर्ष, निवासी कृषि पूंजी कैम्प चोपना जिला बैतूल म.प्र. को धारा 9,39(ए),44,50/51 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के अपराध में दोषी पाते हुये आरोपी को 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000/- रूपये के जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से ए.डी.पी.ओ. अजीत सिंह के द्वारा पैरवी की गई। प्रकरण की पैरवी में सहायक ग्रेड-03
शषीकांत सोनारे द्वारा विषेष सहयोग प्रदान किया गया।घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 22.07.2017 को वन परिक्षेत्र सारणी को मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि दो व्यक्ति मोटरसाईकिल से वन्य जीव चीतल को बेचने ले जा रहे है। उक्त सूचना पर वन अमला चोपना रोड स्थित कोटमी जोड़ पंहुचा, जंहा दो व्यक्ति मोटरसाईकिल पर आते हुये दिखे जिन्हें रोका गया दोनो व्यक्ति एक बोरी मे मृत चीतल को लिये हुये थे। उक्त दोनो व्यक्तियों से नाम पता पूछा तो एक व्यक्ति ने अपना नाम मृत्युंजय पिता खोकन निवासी पूंजी कैम्प थाना चोपना तथा दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम ज्ञानसिंह पिता हरिराम निवासी घुड़की थाना शाहपुर का होना बताया। मौके पर ही मृत वन्य जीव चीतल को मोटरसाईकिल
सहित जप्त कर जप्तीनामा तैयार किया। मौके पर ही अभियुक्तगण के विरूद्ध वन अपराध 1243/21 दर्ज कर पीओआर जारी किया गया। मौके की कार्यवाही का मौका पंचनामा तैयार किया गया। आरोपियों व वन्य जीव चीतल के फोटोग्राफ लिये गये। आरोपीगण से पूछताछ करने पर उन्होंने अपना जूर्म स्वीकार करते हुये बताया कि वे मृत चीतल को बाचा बगीचा के पास से उठा कर लाये थे और उसे बेचने के लिए चोपना तरफ ले जा रहे थे। आवष्यक विवेचना उपरांत आरोपी के विरूद्ध वन परिक्षेत्र अधिकारी सारणी द्वारा परिवाद पत्र तैयार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी को उपरोक्तानुसार दंड से दंडित किया।
नोटः- अभियुक्त ज्ञानसिंह फरार है इसलिए उसके संबंध में निर्णय घोषित नहीं किया गया है।
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