नाबालिग युवती के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी को 20 वर्ष ओर सहयोग करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित
माननीय अनन्य विषेष न्यायालय, (पॉक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने घर में घुसकर नाबालिग युवती के साथ बार-बार बलात्कार करने वाले आरोपी अमन चौधरी पिता दिलीप चौधरी, उम्र-27 वर्ष, निवासी-सांपना कॉलोनी, सोहगपुर, थाना-बैतूल बाजार, जिला-बैतूल (म.प्र.) को दोषी पाते हुए, धारा 450 भादवि में 04 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2,000रू. जुर्माना, धारा 506 भादवि में 02 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1,000रू. जुर्माना तथा धारा 5(एल)/6 पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया गया। इसी प्रकार आरोपी अंकित पिता कैलाष गिरहारे, उम्र-25 वर्ष, निवासी-सांपना कॉलोनी, सोहगपुर, थाना-बैतूल बाजार, जिला-बैतूल (म.प्र.) को उक्त अपराध में आरोपी अमन का सहयोग कर दुष्प्रेरण करने के अपराध में दोषी पाते हुए, धारा 17 पॉक्सो एक्ट समाहित धारा 376/109 भादवि में 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 5,000रू. के जुर्माने से दण्डित किया
गया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी श्री एस.पी.वर्मा व वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/अनन्य विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी की गई।घटना का विवरण इस प्रकार है कि पीड़िता ने दिनांक 17-10-2020 को पुलिस थाना बैतूल बाजार में इस आषय की षिकायत दर्ज करायी थी कि वह कक्षा 11वीं की छात्रा है, जो उसकी दीदी के पास रहकर पढ़ाई करती है। आज से लगभग 01 वर्ष पहले लगभग 12ः00 बजे अमन चौधरी ने उसके घर में घुसकर जबरन उसके साथ बलात्कार किया, उसके रोने-चिल्लाने पर कहने लगा कि किसी को बताया तो जान से मार दंूगा और रिपोर्ट भी मत करना नहीं तो उसके दीदी के लड़के को खत्म कर दूंगा। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर वह 01 वर्ष तक उसके साथ गलत काम (बलात्कार)
करते आया है, आरोपी के गलत कामों से परेषान होकर वह उसके मामा के घर चली गयी थी, तो फिर वहां भी आरोपी उसके दोस्त अंकित के साथ पहंुच गया और उसे वहां पर खेत में ले जाकर जबरन उसके साथ बलात्कार किया। गांव के लोगों ने आरोपी को समझाईष भी दी, परंतु उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। उसके बाद भी आरोपी उसके साथ गलत काम करते रहा, तो उसने एक दिन उसकी दीदी को बताया, तो उसकी दीदी ने आरोपी से कहा कि उसकी बहन के साथ ऐसा गलत क्यों कर रहे हो, तो उसके पश्चात् भी आरोपी उसकी दीदी के घर में घुस आया और उसे पत्थर तथा हॉस पाईप से मारा। पीड़िता की उक्त षिकायत पर से आरोपीगण के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। आवष्यक
अनुसंधान पूर्ण कर विवेचना उपरांत अभियोग पत्र माननीय अनन्य विषेष न्यायालय (पॉक्सो एक्ट) बैतूल म.प्र. के समक्ष विचारण हेतु प्रस्तुत किया गया। विचारण मे अभियोजन ने पीड़िता एवं साक्षियों के कथन पूर्ण सतर्कता एवं सावधानी पूर्वक कराये जिसके परिणाम स्वरूप अभियोजन ने अपना मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित किया जिसके आधार पर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दंडित किया गया।
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