संशय : भाजपा और कांग्रेस किस पर करेंगी भरोसा – कार्यकर्ताओं और जनता मैं बना संशय

विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है । आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर क्षेत्र ही नहीं प्रदेश भर में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं चल रही है । दोनों ही प्रमुख पार्टिया जनता को रिझाने के लिए तरह-तरह से प्रयास कर रही है। कांग्रेस ने प्रदेश में महिलाओं को साधने के लिए नारी सम्मान योजना में ₹1500 देने, 500 में गैस सिलेंडर देने, किसानों को कर्ज माफी करने सहित पांच वचन पूरे करने की बातें करी थी।
जिनका जमीनी स्तर पर असर देखकर भाजपा को भी अपनी जमीन हिलती नजर आई ।

शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ के इन वादों को पीछे छोड़ते हुए, विधानसभा चुनाव के पहले ही महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना प्रारंभ कर महिलाओं को ₹1000 देना प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही लाडली बहनों और उज्ज्वला योजना के तहत महिलाओं को साढे 400 में गैस सिलेंडर देना प्रारंभ कर दिया है । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ से एक कदम आगे चलते हुए महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री लाडली बहना आवास योजना भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से प्रारंभ कर एक और झटका कांग्रेस को दिया है। कांग्रेस की विधानसभा चुनाव को लेकर बनाई गई प्लानिंग कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ढेर कर दी है।

आगामी विधानसभा चुनाव में प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस मुद्दों के मामले में अब ऐसा लग रहा है कि मुद्दा विहीन होकर रह गई है और शांत सी नजर आ रही है । क्योंकि उसके जो प्रमुख वादे थे । उन्हें शिवराज सिंह ने विधानसभा चुनाव के पहले ही लगभग पूरे से कर दिए हैं। ऐसी स्थिति में कांग्रेस अब सोच रही होगी कि नया क्या करें और किन मुद्दों पर जनता को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास करें।

भाजपा ने एक कदम आगे चलते हुए विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची भी जारी कर दी। शायद भाजपा नेताओं को यह उम्मीद रही होगी कि भाजपा के देखादेखी कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार घोषित करेगी । लेकिन कांग्रेस भाजपा के इस जाल में नहीं फसी और कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी घोषणा के मामले में चुप्पी साथ रखी है ।

ऐसी परिस्थितियों में भाजपा जिस तेजी के साथ विधानसभा चुनाव की तैयारी में लगी है उसे भी अपने कदम रोकने पड़े हैं । माना जा रहा था कि भाजपा दूसरी सूची जारी करेगी । लेकिन कांग्रेस की ओर से अभी तक प्रत्याशियों की कोई सूची जारी नहीं के कारण भाजपा ने भी अपनी दूसरी सूची ठंडे बस्ती में डाल दी है।

कुल मिलाकर चर्चा है कि कांग्रेस ने जो पांच वादों का वचन जनता के बीच फेंका था उसे उठाकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ले गए और कांग्रेस इस मामले में फिस्स हो गई। इसलिए कांग्रेस ने अपनी रणनीति उजागर करने के मामले में चुप्पी साथ रखी है और वह आने वाला विधानसभा चुनाव किन वादों के साथ लड़ेगी और कौन प्रत्याशी होगा इस मामले में विपक्षी पार्टी बीजेपी को कुछ भी बताना नहीं चाहती। इसलिए कांग्रेस शांत सी है।

वहीं भाजपा भी ऐसा लग रहा है कि प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर जो प्रलोभन कांग्रेस के सामने रखा था उसके लालच में कांग्रेस के नहीं फंसने से भाजपा भी शांत सी हो गई है। वही लोगों का मानना है कि भाजपा ने आने वाले विधानसभा चुनाव में बनने वाले प्रमुख मुद्दों को पहले ही पूरा कर जनता को अपनी ओर प्रलोभित जरूर कर लिया है । फिर भी विधानसभा चुनाव में सही प्रत्याशी का चयन करने पर ही विजय श्री हासिल कर पाएगी। क्योंकि अब जहां कांग्रेस और भाजपा के पास कोई विशेष मुद्दा नहीं बचा है। विधानसभा चुनाव में लहर बनाने का। ऐसी परिस्थितियों में प्रत्याशी का चयन ही प्रमुख भूमिका निभाएगा ।

लोगों का मानना है कि जनता की पसंद के अनुरूप जो पार्टी टिकट देगी उसी के सिर पर जीत का सेहरा बंधेगा ।