बौद्ध विहार रविदास सहित सभी महापुरुषों के अनुयायियों संगठनों की महाबैठक में जुटेंगे एक सौ दस संस्थाओं के प्रतिनिधि
भोपाल। प्रदेश की राजधानी भोपाल में रह रहे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के भगवान, महापुरुषों एवं अपने-अपने अराध्यों को मानने वाले भोपाल में निवास रत हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों की संख्या में रह रहे सामाजिक बुद्ध विहार, संत रविदास, संत कबीर, बाल्मीकि महाराज, बाबा गाडसे, सुदर्शन महाराज, सेन महाराज, सहित सभी धार्मिक व आस्था व प्रार्थना स्थलों का भोपाल जैसे महानगर में श्री महेश नंदमेहर, श्री मूलचन्द मेधोनिया, श्री विजय सुराणकर, श्री अजय नारनवरे, श्री राहुल पाटिल, ने चार इमली भोपाल की बौद्ध विहार की संचालिका इन्दु ताई पाटिल के मार्गदर्शन एवं भोपाल की वरिष्ठ समाजसेविका श्रीमती आशा कांवले जी के सहयोग से भोपाल के सैकड़ों बुद्ध विहार व रविदासिया धर्म के अनुयायी के स्थलों का सर्व किया गया।
जिसमें सभी अनुसूचित जाति वर्ग सहित अन्य सभी वंचित व पिछड़ी जाति के धार्मिक व सामाजिक स्थानों का सर्व, निरीक्षण किया गया। जिनकी बहुत ही दयनीय और चिंता जनक स्थिति देखी जा सकती है। एक ओर प्रदेश की सरकार सैकड़ों करोड़ रुपये की लागत से अन्य धार्मिक स्थलों का पुनर्निर्माण व जीर्णोद्धार कर रहे हैं। लेकिन दलित शोषितों के स्थलों को संभालने, सुधारने, पुननिर्माण के लिए आर्थिक सहायता न देना। हमारे महापुरुषों व भगवान की उपेक्षा हो रही है। अहिरवार समाज संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमान सिंह नरवरिया पूर्व टीआई ने भोपाल के अनेकों संत रविदास धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक स्थलों का निरीक्षण कर मांग की है कि हमारे पूज्यनीय महापुरुषों के भी धार्मिक स्थलों को नव निर्माण में योगदान सरकार के द्वारा किया जाना चाहिए।
श्री नरवरिया समाज के एक वरिष्ठ अधिकारी रहते हुए उनका पूरा जीवन अनुसूचित जाति व अहिरवार समाज के उत्थान की विचारधारा को लेकर रहा है। जिन्होंने बडे दुख जताते हुए कहा कि की हमें अपने महापुरुषों का भी सम्मान नही मिला है। उन्होंने बताया कि हमारे मध्यप्रदेश के अनुसूचित जाति के अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी को राष्ट्रीय शहीद का दर्जा आज तक नहीं दिया गया है। जबकि पूरा परिवार तीन से चौथी पीढ़ी में प्रवेश कर मांग कर रहे है कि महात्मा गांधी जी के आवाहन पर राष्ट्रीय आंदोलन में अंग्रेजी सेना से संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान क्रांतिकारी अमर शहीद वीर मनीराम जी का स्मारक उनके जन्म स्थान चीचली तहसील गाडरवारा जिला नरसिंहपुर मध्यप्रदेश में बनाया जाये। इसके साथ ही एक देश के लिए कुर्बान देने वाले जो देश की आजादी में रहे उनके परिवारों को अभी तक सरकार द्वारा जैसे सुविधा दी गई है। वैसे ही वीर शहीद मनीराम जी के उत्तराधिकारी सुपौत्र मूलचन्द मेधोनिया (अहिरवार) को दी। जाये।
अहिरवार समाज संघ सहित बौद्ध विहार, अनुसूचित जाति की सैकड़ों संगठनों की अपील का श्री नरवरिया जी ने स्वागत कर धन्यवाद दिया है कि मध्यप्रदेश के सभी बौद्ध विहार संस्थान भी सन 19 42 के स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजी सेना से युद्ध लड़कर स्वाभिमान और मात्रृभूमी पर कुर्बानी देने वाले उपेक्षित वीर मनीराम जी के सम्मान में शहीद परिवार की सहायता कर रहे सम्मानित सामाजिक बन्धुओं को ह्रदय से आभार करते। तथा अहिरवार समाज के महान पराक्रमी वीर मनीराम जी की जो सम्मान दिलाने में सहयोग करेंगे संगठन व समाज सदैव उनका सम्मान करेगा।







