सौतेली पुत्री के साथ बालत्कार करने वाले सौतेले पिता को 25 वर्ष के कठोर कारावास
माननीय विषेष न्यायाधीष, अनन्य विषेष न्यायालय, (पाॅक्सो एक्ट) 2012 बैतूल (म.प्र.), ने 15 वर्ष 11 माह की अवयस्क सौतेली पुत्री के साथ बलात्कार करने वाले 35 वर्षीय बैतूल निवासी पिता को धारा 6 सहपठित धारा 5(एल) पाॅक्सो एक्ट के अपराध का दोषी पाते हुए 25 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000/-रूपयें के जुर्माने तथा धारा 6 सहपठित धारा 5(एन) पाॅक्सो एक्ट मे दोषी पाते हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000/- रूपयें के जुर्माने से, धारा 376(3) भादवि मे दोषी पाते हुए 25 वर्ष के कठोर कारावास एवं 2000/- रूपयें के जुर्माने, धारा 506(भाग-2) भादवि मे दोषी पाते हुए 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1000/- रूपयें के जुर्माने दंडित किया। प्रकरण में म.प्र. षासन की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी/विषेष लोक अभियोजक श्री सत्यप्रकाष वर्मा एवं वरिष्ठ सहायक जिला अभियोजन अधिकारी/विषेष लोक अभियोजक श्री ओमप्रकाष सूर्यवंषी द्वारा पैरवी कार्य किया गया।
अभियोजन का मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता ने दिनांक 30/11/2019 को थाना कोतवाली मे इस आषय कि रिपोर्ट दर्ज करायी कि वह कक्षा 11वी मे पढ़ती है। जब वह 6 माह की थी तब उसकी मम्मी एवं सगे पिता मे तलाक हो गया था, उसके 4 साल बाद उसकी मम्मी ने आरोपी से शादी कर ली है, उसकी मम्मी की दूसरी शादी के बाद वह अपने मम्मी के साथ अपने सौतले पिता आरोपी के साथ रह रही है। दिनांक 28/11/2019 को वह रात 10ः00 बजे कमरे मे सोयी थी, रात मे 12-01 बजे के बीच उसके सौतले पिता आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया और उसे जान से खत्म करने की धमकी दी। अगले दिन पीड़िता ने घटना के बारे मे अपनी मम्मी को बताया, जिसके बाद पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट थाना कोतवाली मे दर्ज करवायी। प्रकरण मे आवष्यक अनुसंधान के उपरांत आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र माननीय न्यायालय मे प्रस्तुत किया गया। अभियोजन का मामला युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित पाकर माननीय न्यायालय द्वारा आरोपी को दंडित किया गया।







