चमार रेजिमेंट के हवलदार दादा श्री चुन्नी लाल जी का 106 वर्ष की आयु में हुआ निधन
शहीद वीर मनीराम अहिरवार परिवार की ओर से विनम्र श्रध्दांजलि अर्पित

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मूलचन्द मेधोनिया पत्रकार भोपाल मोबाइल 8878054839
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भोपाल ।देश की आजादी में और सुरक्षा में हरदम चट्टान की तरह दुश्मनों को धूल चटाने वाली “चमार रेजिमेंट” ने स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजी हुकूमत को देश से भगाने में अहम योगदान दिया है। जिसमें हजारों रेजिमेंट के सैनिकों की कुर्बानी हुई है। इस रेजिमेंट में सिर्फ चमार कौम के बहादुर लोगों को रखा जाता था। जिनमें देश प्रेम और राष्ट्रीय भक्ति थी, वह अपने घर बार व परिवार को त्याग कर इस रेजिमेंट में भर्ती होकर दुश्मनों से लड़ने के लिए गये। अनगिनत सैनिकों की शहीदी हुई सरकार के पास इस रेजिमेंट का अवश्य रिकॉर्ड होगा।
यदि खुलासा किया जाये तो चमार रेजिमेंट के सैनिकों का गौरवशाली इतिहास प्राप्त होगा। उसे सार्वजनिक कर उन शहीद सेनानियों का सम्मान होना चाहिए।
चमार रेजिमेंट के हवलदार श्री चुन्नी लाल जिनकी उम्र 106 साल थी। उनका निधन दिनांक 22 नबम्वर 2022 को दिल्ली में हो गया, श्री चुन्नी लाल जी ने ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ विद्रोह करने वाले चमार रेजिमेंट के आखिरी बच्चे सैनिक हवलदार थे। श्री चुन्नी लाल जी ने दूसरे विश्व युद्ध में कोहिमा से रंगून तक का मोर्चा संभाल कर जापान के विरुद्ध लड़ने वाले इस योध्दा ने रात 2 बजे अंतिम सांस ली।
इनको नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी से मिलने पर 5 साल की जेल भी काटना पड़ी थी।
चमार रेजिमेंट के एकमात्र जिंदा बचे हवलदार श्री चुन्नी लाल जी के देहांत का समाचार दुखद है।ये जिला महेन्दगढ के निवासी थे, 100 वर्ष से ज्यादा का जीवन दर्शन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। चमार रेजिमेंट के महान योद्धा के रूप में जाने वाले दादा श्री चुन्नी लाल जी की हमेशा शहादत कौम के लोग स्मरण रखेंगे। जिला नरसिंहपुर के चीचली नगर के अमर शहीद वीर मनीराम अहिरवार जी के परिवार की ओर से सतगुरु रविदास महाराज जी प्रार्थना है, दादा श्री चुन्नी लाल जी को अपने चरणों में स्थान प्रदान करे। सन 19 42 के स्वतंत्रता आंदोलन में अंग्रेजी सेना से युद्ध लडने वाले शूरवीर मध्यप्रदेश के एकमात्र अनुसूचित जाति के वीर शहीद मनीराम जी के सुपौत्र मूलचन्द मेधोनिया ने दादा श्री चुन्नी लाल जी के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
तथा भावभीनी श्रध्दांजलि अर्पित करते हुए सम्पूर्ण बिरादरी से अनुरोध किया है कि ऐसे महान विभूति की यादगार हमेशा जिंदा रखनी होगी। जिन्होंने सम्पूर्ण जीवन देश को समर्पित कर गौरव बढ़ाया है। उनके चरणों में कोटी कोटी नमन।







