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मध्यप्रदेश

श्रम के साथ अभिनय सीखा प्रतिभागियों ने प्रसन्ना की तीन-दिवसीय नाट्य कार्यशालाएँ संपन्न – विनीत…

इंदौर। नाटक बिना लाइट, माइक और बाक़ी तामझाम के भी हो सकता है लेकिन वो नाटक में काम करने वालों के आपसी सहयोग के बिना हो ही नहीं सकता। अगर एक किरदार क़ातिल है और दूसरे की भूमिका मरने की है तो मंच पर दोनों में इतना सहयोग होना…
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