कोल्हया वन ग्राम के आदिवासियों को 60 वर्षों बाद भी नहीं मिला पट्टा, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
घोड़ाडोंगरी।
वन ग्राम कोल्हया के आदिवासियों की जमीन पर वर्ष 1965 में कोल्हया कैंप बसाया गया था। उस समय प्रभावित आदिवासी परिवारों को जमीन के बदले झोली नंबर–01 में खसरा नंबर 95 में लगभग 32 हेक्टेयर पुनर्वास की भूमि कृषि हेतु आवंटित की गई थी,…
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