*रानीपुर आश्रम में आध्यात्मिक चेतना का प्रवाह: एबीवीपी पदाधिकारियों ने यज्ञशाला में दी आहुतियां* *​अधिक मास विशेष: एक माह तक चलने वाले श्री रामचरितमानस महायज्ञ और अखंड सीताराम संकीर्तन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़*

​रानीपुर ।
​आस्था का केंद्र बना आश्रम
अधिक मास के पावन अवसर पर परम तपस्वी संत श्री श्री 1008 निक्कुदास जी महाराज की तपस्थली, माधव गौशाला (रानीपुर आश्रम) में इन दिनों भक्ति का अनूठा माहौल है। आश्रम में आयोजित एक माह व्यापी श्री रामचरितमानस महायज्ञ एवं अखंड श्री सीताराम नाम संकीर्तन में प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों का आगमन हो रहा है। इसी कड़ी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के जिला पदाधिकारियों ने भी आश्रम पहुंचकर धर्मलाभ लिया।

​पदाधिकारियों ने की परिक्रमा
विद्यार्थी परिषद के जिला विद्यार्थी विस्तारक सहदेव मौर्य, जिला संयोजक देवेंद्र पांसे और बैतूल नगर सहमंत्री रोशन कोसे विशेष रूप से रानीपुर आश्रम पहुंचे। पदाधिकारियों ने सबसे पहले यज्ञशाला पहुंचकर यज्ञ भगवान के दर्शन और विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद उन्होंने महायज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं। इस दौरान उन्होंने अखंड श्री सीताराम नाम संकीर्तन में हिस्सा लिया, यज्ञशाला की परिक्रमा की और आश्रम में संचालित विभिन्न धार्मिक व सामाजिक गतिविधियों का अवलोकन किया।
​संस्कार व सांस्कृतिक जागरण

दर्शन और पूजन के पश्चात विद्यार्थी परिषद के नेताओं ने विशाल भंडारा प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर पदाधिकारियों ने कहा कि रानीपुर आश्रम में चल रहा यह भव्य धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, ऊंचे संस्कार और सांस्कृतिक जागरण का संदेश दे रहा है। अधिक मास में आयोजित इस तरह के महायज्ञ और अखंड रामनाम संकीर्तन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सनातन संस्कृति से जोड़ने का एक अनुकरणीय प्रयास हैं।
​17 जून तक चलेगा आयोजन: प्रतिदिन पहुंच रहे सैकड़ों श्रद्धालु

उल्लेखनीय है कि रानीपुर आश्रम में यह विशाल धार्मिक अनुष्ठान 17 मई से शुरू हुआ है जो आगामी 17 जून 2026 तक निरंतर जारी रहेगा। इस एक माह की अवधि में श्री रामचरितमानस महायज्ञ, अखंड श्री सीताराम नाम संकीर्तन, अखंड धुना और विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु प्रतिदिन यहां पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।

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