**तक्शशिला संस्थान में “सितारे ज़मीन पर” अभिनेता आशीष पेंडसे का सम्मान, प्रेरक संवाद कार्यक्रम आयोजित**

 

भोपाल। शहर की प्रतिष्ठित संस्था **Takshashila Institute of Child Development** में “**सितारे ज़मीन पर: संघर्ष से सफलता तक की प्रेरणादायक यात्रा**” विषय पर एक विशेष प्रेरक और इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अभिभावकों, विशेषज्ञों, शिक्षकों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य न्यूरोडाइवर्स बच्चों की क्षमताओं को समझना, समाज में समावेशिता (Inclusivity) को बढ़ावा देना तथा अभिभावकों को सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रेरणा प्रदान करना था।

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अभिनेता **Ashish Pendse** का सम्मान रहा, जिन्हें उनके प्रेरणादायक जीवन संघर्ष और उपलब्धियों के लिए संस्थान द्वारा **“प्राइड ऑफ इन्क्लूसिव एक्सीलेंस अवॉर्ड 2026”** से सम्मानित किया गया। आशीष पेंडसे, जिन्होंने फिल्म **Taare Zameen Par** से जुड़ी अपनी पहचान बनाई, इस अवसर पर अपने माता-पिता के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने उपस्थित लोगों के साथ अपनी जीवन यात्रा और अनुभव साझा करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद निरंतर प्रयास, परिवार का सहयोग और आत्मविश्वास व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम के दौरान आशीष पेंडसे के माता-पिता ने उनकी जीवन यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साझा किया कि प्रारंभिक विकास संबंधी चुनौतियों के बावजूद लगातार प्रशिक्षण, शिक्षा, थेरेपी और परिवार के सहयोग के माध्यम से आशीष ने जीवन में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल कीं। उनकी संघर्षपूर्ण लेकिन प्रेरणादायक कहानी ने उपस्थित अभिभावकों को आशा और आत्मविश्वास से भर दिया।

इस अवसर पर **Takshashila Institute of Child Development** के निदेशक **अनिल कलाधरन कर्णवर** ने कहा कि विकासात्मक चुनौतियों वाले बच्चों के लिए समावेशी अवसर और सहयोगी वातावरण तैयार करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन, विशेष शिक्षा और परिवार के सहयोग से हर बच्चा अपनी प्रतिभा के साथ आगे बढ़ सकता है और समाज में अपनी पहचान बना सकता है।

संस्थान की निदेशक एवं सह-संस्थापक **रोली मिश्रा** ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के विकास में **प्रारंभिक हस्तक्षेप (Early Intervention), जागरूकता और समुदाय का सहयोग** अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सही समय पर उचित थेरेपी, शिक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वे भी अपनी क्षमताओं को विकसित कर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि धैर्य, विश्वास और निरंतर प्रयास से बच्चों की प्रतिभा को निखारा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि **Takshashila Institute of Child Development** विशेष आवश्यकता वाले बच्चों—जैसे सीखने में कठिनाई, विकासात्मक विलंब, व्यवहारिक चुनौतियों तथा न्यूरोडाइवर्स स्थितियों से जुड़े बच्चों—के समग्र विकास के लिए कार्य करने वाली संस्था है। संस्थान में बच्चों के लिए विशेष शिक्षा, विभिन्न प्रकार की थेरेपी, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं, जिससे ऐसे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

कार्यक्रम का समापन आशीष पेंडसे के सम्मान समारोह तथा प्रतिभागियों के साथ संवाद के साथ हुआ। यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणा और आशा का संदेश छोड़ गया कि यदि अवसर, सहयोग और सही मार्गदर्शन मिले तो हर बच्चा अपने जीवन में “सितारा” बन सकता है।